जम्मू विश्वविद्यालय के एमए इतिहास के चौथे सेमेस्टर का नतीजा चार माह बाद मंगलवार को आखिर घोषित हो गया। इससे छात्रों ने राहत की सांस ली है। अमर उजाला ने इसी 29 अक्तूबर के अंक में छात्रों को परेशानी की खबर छापी थी। चौथे सेमेस्टर के तीन दर्जन से भी अधिक छात्र किसी प्रतियोगी परीक्षा के लिए फार्म भी नहीं भर पा रहे थे। कई छात्र ऐसे थे, जो एमफिल, पीएचडी की परीक्षा में बैठना चाहते थे, लेकिन नतीजा घोषित न होने की वजह से इसमें शामिल नहीं हो सके थे।
कई बार इतिहास विभागाध्यक्ष से बात किए जाने के बावजूद उनकी समस्या दूर नहीं हुई थी। उनका आरोप था कि एक प्रोफेसर के साथ मुखिया की लड़ाई होने की वजह से उनका नतीजा प्रभावित हो रहा है। अमर उजाला के पूछने पर विश्वविद्यालय के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो. जिगर मोहम्मद ने जल्द ही चुनाव नतीजा घोषित कर दिए जाने की बात दोहराई थी। मंगलवार को नतीजा आने के बाद छात्रों ने खुशी जताई।