जम्मू-कश्मीर के अधिकांश हिस्सों में वीरवार को लगातार दूसरे दिन मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ। किश्तवाड़ की पंचायत केशवान, ब्लाक ठाठरी के बाहलना वन क्षेत्र में बारिश के बीच विशाल देवदार का पेड़ गिरने से तीन महिलाओं समेत चार बक्करवालों की मौत हो गई।
किश्तवाड़ में हादसे का शिकार गुज्जर-बक्करवाल परिवार मवेशियों को लेकर कठुआ के बनी से किश्तवाड़ के दच्छन जा रहा था। सभी लोग ठाकराई ब्लॉक के केशवान इलाके के बलना जंगल में रुके थे। बुधवार रात को बारिश हो रही थी तो सभी डेरा डाल पेड़ के नीचे सो गए।
देवदार का पेड़ गिर गया। दबने से एक ही परिवार के चार लोगों (पति, पत्नी, बेटी और बहू) की मौत हो गई। वहीं साथ सो रहे एक बच्चे सहित तीन लोग बाल-बाल बच गए। नसीर अहमद के दो बेटे और एक पोता बाल-बाल बच गए। गुज्जर बक्करवाल परिवार मवेशियों के साथ ग्रीष्मकालीन प्रवास के लिए किश्तवाड़ के दच्छन जा रहा था।
उनके डेरे के साथ ही एक अन्य परिवार का डेरा भी था। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और डॉक्टरों की टीम ने केशवान गांव में पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के हवाले कर दिए। इन्हें पास ही जंगल में दफना दिया गया।
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के दर्जनों गांवों में वीरवार दोपहर ओलावृष्टि ने तबाही मचाई। दस मिनट की ओलावृष्टि के बाद तेज बारिश हुई जिससे हरिल दरबली, औडूरा नौगाम लवूसा कुपवाड़ा त्रेहगाम, वोवेरा हांजीपोरा, हिर्री, बतरगाम, द्रुगमुल्ला, क्रालपोरा और कई अन्य गांवों में मक्का, धान के पौधे, सेब और चेरी के बाग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
इन क्षेत्रों में ज्यादातर कृषि और बागवानी उत्पादों से अपनी जीविका चलाने वाले लोगों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि कृषि और बागवानी को हुए नुकसान का मौके पर ही आकलन किया जाए।