जम्मू-कश्मीर पुलिस न केवल कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मुस्तैद है, बल्कि नशे से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए भी कमर कसकर काम कर रही है। इसके लिए मस्जिदों व मंदिरों से नशे से दूर रहने की अपील कराई जा रही है। यह कहना है डीआईजी शक्ति पाठक का।
डीआईजी ने कहा कि जम्मू, कठुआ, सांबा रेंज में युवाओं में कट्टरवाद बड़ी चुनौती है। इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। यह पता नहीं होता है कि किस सोशल मीडिया प्लेटफार्म से कट्टरता का बीज बोया जा रहा है।
इसके लिए सोशल मीडिया साइट्स पर पैनी नजर रखी जा रही है। हर साइट्स को सर्विलांस पर रखा जाता है ताकि कहीं से भी कट्टरता की बात सामने न आने पाए। ऐसे तत्वों पर भी नजर रखी जा रही है जो समाज में वैमनस्यता का बीज बो सकते हैं।
डीआईजी बोले कि मौजूदा समय में आतंकवाद भी बड़ी चुनौती है। हालांकि कठुआ-सांबा-जम्मू में कोई आतंकी संगठन सक्रिय नहीं है, लेकिन ओजीडब्ल्यू का नेटवर्क है। सीमा पार से आतंकी गतिविधियां होती रहती हैं।
ड्रोन ड्रॉपिंग के मामले भी बढ़े हैं। यह सारी हरकत ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के जरिये संचालित हो रहा है। पुलिस के पास इनकी पूरी लिस्ट है और ऐसे लोगों पर पैनी निगाह रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए हर जिले में व्यवस्था बनाई गई है।