पूर्व पीडीपी नेता और पूर्व विधायक तांगमार्ग, अब्बास वानी सज्जाद लोन की जे एंड के पीपल्स कॉन्फ्रेंस में शामिल हो गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दोनों नेताओं ने यह जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी।
जम्मू-कश्मीर में पीडीपी का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को भी एक अन्य पूर्व मंत्री जावेद मुस्तफा मीर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। पार्टी प्रवक्ता मोहम्मद रफी मीर ने जावेद मुस्तफा के पार्टी छोड़ने की पुष्टि की है।
भाजपा के साथ पीडीपी की सरकार बनने पर पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने उन्हें अपने कैबिनेट में शामिल किया था। लेकिन उनके निधन के बाद जब महबूबा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो उन्हें कैबिनेट में नहीं रखा।
कुछ महीनों के बाद कैबिनेट के विस्तार में जावेद को दोबारा से मंत्री बनाया गया। सूत्रों का कहना है कि अभी और कई नेता पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं। ऐसे में महबूबा के लिए आगामी लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव में मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
पूर्व मंत्री इमरान रजा अंसारी के पार्टी छोड़ने के साथ शुरू हुआ यह सिलसिला जारी है। अब तक डा. हसीब द्राबू समेत लगभग एक दर्जन पूर्व विधायक व पार्टी नेता पार्टी को अलविदा कह चुके हैं। दरअसल सरकार गिरने के बाद से पार्टी में जबर्दस्त अंतर्कलह है।
कई नेता खुलेआम पार्टी नेतृत्व पर तानाशाही रवैया अपनाने तथा परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगा चुके हैं। कई ने तो गठबंधन टूटने के लिए महबूबा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।