केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से अफ्स्पा हटाए जाने के बयान पर जम्मू-कश्मीर में सियासत गरमा गई है। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) समेत कई विपक्षी दलों ने इस बयान को चुनावी स्टंट करार दिया है।
पीडीपी की अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि पीडीपी ने लगातार अफ्स्पा को हटाने की मांग की है। यह भाजपा के साथ गठबंधन के एजेंडे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी रहा है, जिस पर भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तरह से सहमति जताई थी।
उन्होंने कहा कि देर आए दुरुस्त आए, लेकिन यह तब सही होगा जब यह हर साल दो करोड़ नौकरियां पैदा करने या बैंक खातों में 15 लाख जमा करने के खोखले वादे जैसी जुमलेबाजी न हो। अगर ऐसा होता है तो इससे जम्मू-कश्मीर के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बात पर अमल करने के लिए शायद महबूबा मुफ्ती ने कहा कि गृह मंत्रालय वर्तमान में जेलों में बंद कश्मीरी युवाओं को बिना किसी आरोप या अभियोजन के रिहा करके शुरुआत कर सकता है।
नेकां के उपाध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह का यह बयान चुनावी फायदे के लिए न बनकर रह जाए। फौरी तौर से अफ्स्पा को हटाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, वह 2011 से इस चीज का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि डर इस बात का भी है, जिस तरह भाजपा ने लद्दाख को छठी अनुसूची में डालने का वादा पूरा नहीं किया, उसी तरह कहीं चुनाव को देखते हुए अफ्स्पा हटाने का झांसा न दिया गया हो।
उधर, प्रदेश भाजपा के नेताओं के अनुसार, यह स्वागत योग्य कदम है और अभी हालात अफ्स्पा हटाए जाने के अनुकूल हैं। भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर के अनुसार, अभी सही समय है कि अफ्स्पा को हटाया जाए, क्योंकि अभी आतंकवाद का पूरा सिस्टम खत्म कर दिया गया है। अलगाववादियों के बच्चे भी भारत को अपना देश कहने लगे हैं, जिससे साफ है कि यह एक स्वागत योग्य और सही कदम है।
पूर्व राज्यपाल वोहरा ने किया स्वागत
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल एनएन वोहरा ने कहा कि वह गृहमंत्री के उस बयान की सराहना करते हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बलों को योजनाबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। शाह ने यह भी कहा था कि राज्य से अफ्स्पा को हटाने पर भी विचार किया जाएगा। वोहरा ने आशा व्यक्त की कि सरकार इसी तरह का दृष्टिकोण अपनाएगी। उन्होंने ने कहा, राज्य पुलिस को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के अपने प्राथमिक कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए और सेना को अपने आवश्यक कर्तव्यों पर लौटने के लिए स्वतंत्र करना चाहिए।
कश्मीर घाटी की जनता फैसले का स्वागत करेगी
पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद गनी लोन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कश्मीर की जनता इसका स्वागत करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स एक पोस्ट में लिखा, अफ्स्पा हटाना एक बेहतरीन कदम होगा। कश्मीर के लोग इसका स्वागत करेंगे, अगर इसे हटा दिया जाए। हम आशा करेंगे यह फैसला जल्द अमल में लाया जाएगा।