पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने देश के संविधान में कश्मीर समस्या के हल को नहीं देखने वालों को भी वार्ता प्रक्रिया में शामिल करने की वकालत की। कैनेडियन हाई कमीशन से मुलाकात के दौरान नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रियासत के हालात पर चर्चा की।
इसके साथ ही उन्होंने अपना नजरिया पेश करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय बदल नहीं सकता। देश के अन्य प्रदेशों की तरह से जम्मू-कश्मीर का देश में विलय न होकर रक्षा, विदेश मामले, संचार और करेंसी के मामलों पर एक समझौते के तहत हुआ था।
इसके तहत समझौते के तहत आने वाली कुछ विशेष क्षेत्रों के अलावा अन्य सभी क्षेत्र रियासत सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। पर बीते कुछ समय से रियासत सरकार के अधिकार क्षेत्र में लगातार कटौती हो रही है।