पत्थर और बंदूक उठाने से किसी समस्या का समाधान नहीं होगा। हम अपनी बात शातिंपूर्ण तरीके से रख सकते हैं। कुछ लोग चाहते हैं कि घाटी के लोग बंदूक उठाएं, ताकि यहां के युवाओं पर पीएसए (सार्वजनिक सुरक्षा कानून )लगाया जाए।
यह बात पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को यहां कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा कहते हैं, हम शांति चाहते हैं, लेकिन हम बाजवा से कहते हैं कि बातचीत के सभी रास्तों को खोला जाए।
भारत और पाकिस्तान में बातचीत के बिना जम्मू-कश्मीर में शांति नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि पीडीपी के नेताओं मेरे मामा नईम अख्तर और वहीद पारा को गिरफ्तार किया गया। मुझे एजेंसी से समन आता है। ईडी मुझसे पूछती है कि जो आप के पास सीक्रेट फंड कहां से आए? उनका हिसाब दें।
मैं इन सब चीजों का डटकर मुकाबला करूंगी। मुझे आप कार्यकर्ताओं और लोगों का साथ चाहिए। मैं अकेले कुछ नहीं कर सकती। पीडीपी ही जम्मू-कश्मीर के लोगों की बात रख सकती है। कुछ लोग कहते हैं कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाए। मैं कहती हूं कि राज्य का दर्जा नहीं जब तक हमें हमारी पहचान नहीं मिलती, तब तक हम लड़ते रहेंगे। पीडीपी के नेताओं को पार्टी छोड़ने के लिए तंग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज बजरी और रेत के दाम आसमान छू रहे हैं। आम जनता की कम टूट गई है।