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एनआईए का दावा: घाटी में वर्ष 2010 की हिंसा में पारा के बनाए ग्रुप ने की थी पत्थरबाजी, हथियारों की तस्करी और टेरर फंडिंग...

Sun, 28 Mar 2021 10:53 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
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फाइल फोटो - फोटो : PTI
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पीडीपी के युवा नेता वहीद उर रहमान पारा पर हथियारों की तस्करी और टेरर फंडिंग के आरोप लगाए हैं। जम्मू कोर्ट में दाखिल पूरक आरोपपत्र में एनआईए ने कहा है कि पारा ने वर्ष 2010 में कश्मीर घाटी में 20-25 युवाओं का ग्रुप बनाकर हिंसा भड़काने के लिए पत्थरबाजी करवाई थी। 
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गौरतलब है कि माछिल में तीन युवकों की मौत के बाद हिंसा में 126 लोगों की मौतें हुईं थीं। आरोपपत्र के अनुसार पारा प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकी संगठनों का एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए जम्मू-कश्मीर के अहम संस्थानों में उनकी राह बनाने की साजिश में शामिल था। 

आतंकी फंडिंग केस में हाल ही में जांच एजेंसी ने जम्मू कोर्ट में पूरक आरोपपत्र दायर किया है। इस मामले में पूर्व डीएसपी दविंदर सिंह भी आरोपी है। पारा वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है।
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एनआईए ने कहा है कि पारा 2010 से असामाजिक गतिविधियों में शामिल था। उस समय पीडीपी विपक्ष में थी। पारा ने युवकों का ग्रुप बनाकर उन्हें पत्थरबाजी के लिए तैयार किया। पारा ने पीडीपी में राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए यह सब किया। पारा 2016 में कुपवाड़ा इलाके से दक्षिण कश्मीर में हथियारों की तस्करी करने में शामिल रहा है। 
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वह अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ कुपवाड़ा जाता था और अपने वाहन में हथियार लाता था। पीडीपी से होने के चलते रास्ते में सुरक्षा एजेंसियां उसके वाहन की जांच नहीं करती थीं। केंद्रीय एजेंसी का आरोप है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने पारा जैसे कुछ नेताओं से सहयोग मांगा था।  

मुख्य धारा के कुछ नेता भी संलिप्त
आरोपपत्र में कहा गया है कि पारा की संलिप्तता से साबित होता है कि मुख्य धारा के कुछ नेता भी इसमें शामिल रहे हैं। वे अपने चुनाव प्रचार के दौरान सहयोग पाने व चुनाव प्रक्रिया में अपने कार्यकर्ताओं की मदद के लिए आतंकी संगठनों से मदद मांग रहे थे।
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