कृष्णा घाटी के बाद जिले में नियंत्रण रेखा पर स्थित सलोत्री के जंगल में भी शुक्रवार को आग भड़क उठी है। आग ने कई किलोमीटर क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। इससे भारी वन संपदा राख हो गई है। जानकारी के अनुसार सलोत्री के जंगलों में तड़के ही आग भड़क उठी थी जो देर रात तक तेजी से बढ़ रही थी।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, सेना और क्षेत्रवासी भरसक प्रयास कर रहे हैं, लेकिन एक स्थान पर आग बुझाते हैं तो दूसरी स्थान पर फैल जाती है। गर्मी और तेज हवाएं आग को और भड़का रही हैं। डीएफ ओ पुंछ शहीद नदीम का कहना है कि इस वर्ष आग लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।
अब तक आग की 18 घटनाएं हुई हैं। इसमें करीब 17 हेक्टेयर क्षेत्र के जंगल को नुकसान हुआ है। नियंत्रण रेखा पर फेंसिंग के जंगलों में आग की घटनाओं को इन आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया है। नदीम का कहना है कि मेंढर, बींबर गली और कृष्णा घाटी में हमने तीन कंट्रोल रूम स्थापित कर रखे हैं। हर एक पर रेंज अधिकारी तैनात रहता है जो आग की घटनाओं पर नजर रखता है।
बारिश से राजोरी के जंगलों की आग काबू
forest fire
- फोटो : Amar Ujala
जंगलों में लगी भीषण आग का सिलसिला शुक्रवार शाम तक जारी रहा। हालांकि, शाम को हुई बारिश ने आग पर काफी हद तक काबू पा लिया है। बारिश के बावजूद जंगलों में आग को पूरी तरह बुझाया नहीं जा सका है।
जानकारी के अनुसार नौशेरा सब डिवीजन के सीमावर्ती क्षेत्रों के जंगलों में लगी आग बारिश के चलते काफी हद तक बुझ गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार घास में लगी आग बारिश से बुझ गई है, लेकिन चीड़ के पेड़ों में लगी आग जारी है। बारिश के साथ आग कम जरूर हुई है, लेकिन पूरी तरह बुझ नहीं पाई है।
नौशेरा सब डिवीजन के बगला, नडयाला, पेड़ा, रच्छवा, चिंगस, कल्लर आदि जंगलों में आग से चीड़ के पेड़ गिरने लगे हैं। वहीं, राजोरी फारेस्ट डिवीजन के जंगलों में आग पर काबू पा लिया गया है। डीएफओ अनूप सोनी के अनुसार कहीं से आग की नई घटना सामने नहीं आई है।