दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने जम्मू-कश्मीर में धर्म परिवर्तन कराकर विवाह कराने के मामले पर रोष जाहिर किया है। इस मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता व प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से टेलीफोन पर बातचीत की। सिरसा ने बताया कि गृह मंत्री ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान भरोसा दिलाया कि वह पूरे हालात की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। सूबे के उप-राज्यपाल से केस के विवरण प्राप्त कर चुके हैं। गृह मंत्री ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सिख लड़कियां जल्द ही परिवारों के पास आएंगी। सिरसा ने कश्मीर के सियासी नेताओं से भी अपील की है कि इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़े। जब तक इंसाफ नहीं मिलता तब तक दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चैन से नहीं बैठेंगे।
श्रीनगर के गुरुद्वारा शहीद बुंगा साहिब में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता पिछले एक महीने के दौरान सिख समुदाय की चार बच्चियों का जबरन धर्म परिवर्तन हुआ है। दो दिन पहले की घटना में 18 साल की एक बच्ची का अधेड़ उम्र के एक शख्स के साथ निकाह किया गया। यह फैसला हमारे समुदाय को कबूल नहीं। दुनिया भर से सिख समुदाय के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई है। सिखों की अखंडपीठ अकाल तख्त साहिब ने भी इसका सख्त सख्त संज्ञान लेते हुए प्रदेश के एलजी को एक खत लिखा है। इसमें युवती को जल्द से जल्द वापस लौटाने के साथ-साथ एक ऐसे कानून को लागू करने की मांग की है जिससे जबरन धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। सिरसा ने कहा कि दुख इस बात का है कि आज हमारे साथ बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय का कोई भी व्यक्ति इन घटनाओं का विरोध करने वाला नहीं। आपसी भाईचारे की बात की जाती है वह केवल नाम के लिए है।
जिस समय मनजिंदर सिंह सिरसा गुरुद्वारा शहीद बुंगा साहिब में मीडिया को संबोधित कर रहे थे तो एक अनोखा प्रदर्शन एक पिता-पुत्री की ओर से गुरुद्वारा साहिब के मुख्य गेट पर देखने को मिला। मुस्लिम समुदाय के एक पिता-पुत्री वहां पहुंचे और इसके खिलाफ आवाज उठाई। पिता ने कहा कि हम कश्मीरी मुसलमान यहां के सिख भाइयों के साथ खड़े हैं। आज जो यह घटना हुई है सबको इसकी निंदा करनी चाहिए और इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
गलत को मिलनी चाहिए सजा
जम्मू-कश्मीर सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष जीएम अहंगर, ट्रेड लीडर मो अमीन सोफी और उलेमाओं के कई प्रतिनिधिमंडल सिख समुदाय के लोगों से मिले। उन्होंने आश्वासन दिलाया कि वह गलत नहीं होने देंगे। उन्होंने घटना की निंदा करते हुए कहा कि जिसने भी यह किया है गलत किया है उसे सजा मिलनी चाहिए।
जहां तक इस्लाम में धर्म परिवर्तन का सवाल है किसी को दबाव डालकर धर्म परिवर्तन करवाना किसी भी सूरत में जायज नहीं है। ऐसी कार्रवाई शरिया के खिलाफ है। जम्मू-कश्मीर में सिख भाईचारा हमारे साथ सदियों से रहता आ रहा है और हम उनको एहसास दिलाना चाहते हैं कि वो यहां सुरक्षित हैं। हम उन दोनों परिवारों को और उन मौलवियों को भी यहां बुलाएंगे जिन्होंने यह कार्रवाई की है। जैसा आरोप लगाया जा रहा कि लड़की मानसिक रूप से सही नहीं वो भी हम देखने जाएंगे। रही बात आने वाले समय की तो हम दोनों समुदाय के लोग एक साथ बैठेंगे और कोई ऐसा रास्ता निकालेंगे, जिससे ऐसी कोई घटना भविष्य में न हो पाए। कोशिश की जाएगी कि कोई ऐसा कानून तैयार करें, ताकि कोई भी धर्म परिवर्तन न करवा सके। -मुफ्ती नासिर उल इस्लाम, मुफ्ती आजम अध्यक्ष, जम्मू -कश्मीर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड