जम्मू के ज़ोरावर ऑडिटोरियम में हुए शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) नेताओं के हावभाव जुदा थे। कोई काउबाय हैट में था तो कोई परंपरागत पगड़ी में। शपथग्रहण के दौरान भी भाजपा और पीडीपी के वरिष्ठ नेताओं के बीच गुफ्तगू लगातार जारी रही। भाजपा के लिए यह मौका ऐतिहासिक था और इसका गवाह बनने के लिए खुद प्रधानमंत्री ही नहीं भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी भी मौजूद थे।
खोए-खोए से अमित शाह
आडवाणी पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की बगल में बैठे थे, जो लगातार मुरली मनोहर जोशी के साथ बातचीत में व्यस्त थीं। उधर, समारोह में अमित शाह खोए-खोए नज़र आए। इससे पहले जब अमित शाह स्टेज पर आए तो आडवाणी शाह का अभिनंदन करने के लिए कुर्सी से उठे, जबकि जोशी ने ऐसा नहीं किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिनेन जैकेट पहनी थी और खुश दिख रहे थे। महबूबा मुफ्ती की खुशी और उत्साह छिपाए नहीं छिप रहे थे, लेकिन शपथ लेने के लिए तैयार उनके साथी कुछ गंभीर दिखाई दिए।
डोगरी में शपथ
पिछले साल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए लाल सिंह ने समारोह में रंगीन डोगरी पगड़ी पहनी थी। उन्होंने डोगरी भाषा में शपथ ली पर उनकी जुबान कई बार लड़खड़ाई। पीडीपी के बशरत बुखारी काऊबॉय स्टाइल का बड़ा हैट पहने शपथ लेने आए।
समारोह में मुख्य आकर्षण रहे अलगाववाद से मुख्यधारा में आए सज्जाद गनी लोन जो पिछले चुनाव के दौरान से ही सुर्खियों में रहे हैं। चुनाव से पहले लोन मोदी से मिले थे। उनकी पार्टी पीपुल्स कॉन्फ्रेस ने विधानसभा चुनावों में उत्तर कश्मीर से दो सीटों पर जीत हासिल की है।
मोदी की तालियां
कुछ खबरों की मानें तो पीडीपी ने भाजपा पर दवाब डाला था कि लोन को कैबिनेट में न लिया जाए, पर भाजपा ने उन्हें एक पद देने का फैसला किया। पद और गोपनीयता की शपथ लेते वक़्त लोन को सबसे अधिक तालियां प्रधानमंत्री से मिलीं। इसके बाद मोदी उनसे गले भी मिले।
मुफ्ती भी लोन से गले मिले और बधाई दी। समारोह में भाजपा नेता डॉक्टर निर्मल सिंह ने उप मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली। नेताओं ने टीम मुफ्ती के 25 सदस्यों की हौसला अफजाई की।