अपहरण के मामले में ट्रायल का सामना कर रहे रतनीश कुमार उर्फ मुन्ना को जम्मू के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहन सिंह परिहार ने बरी कर दिया।
आरोपी के खिलाफ तीन अगस्त 2013 को पेश की गई चार्जशीट के अनुसार अरनिया निवासी थोरू राम ने अरनिया थाने में लिखित शिकायत की कि घटना के दिन सुबह लगभग 6.30 बजे उनकी बेटी शौच के लिए बाहर गई थी लेकिन वापस नहीं आई।
लड़की की खोज करने पर पता चला कि बिहार निवासी रतनीश कुमार ने उनकी 18 वर्षीय बेटी का अपहरण किया है और उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले गया है। दो माह पहले वह उनके मकान पर किराए के रूप में रहा था। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर आरोपी की खोज शुरू कर दी।
प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि अभियोजन ने कोई ऐसा सबूत नहीं पेश किया, जिससे पता चले कि आरोपी लड़की को शादी या गलत संबंध बनाने के लिए जबरन अपने साथ ले गया। अभियोजन के आरोप सिर्फ शक के आधार पर तय किए गए हैं।
इन परिस्थितियो में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती। अदालत ने आरोपी को आरपीसी की धारा 366 के आरोप से बरी करते हुए चालान को रद्द कर दिया। गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी न्यायिक हिरासत में है और अदालत उसे रिहा करने के आदेश देती है। जेएनएफ