प्रदेश में एक्सप्रेस-वे की सड़क भूमि की वर्तमान सतह से पांच से 20 फीट ऊंची होगी। ग्रीन फील्ड वाले इलाके जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के निचले इलाके हैं, जहां एक्सप्रेस-वे की सतह से ऊंचाई लगभग 20 फीट होगी। इसी तरह से ब्राउन फील्ड वाले इलाकों में एक्सप्रेस-वे पांच से दस फीट की ऊंचाई से गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे की दोनों तरफ ऊंची दीवार होगी। स्थानीय सड़क नेटवर्क का एक्सप्रेस-वे से संपर्क केवल 20-20 किलोमीटर के फासले पर बनने वाले जंक्शन से ही हो पाएगा।
मुआवजा वितरण की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
60 मीटर चौड़े दिल्ली कटरा एक्सप्रेस-वे की जद में 378 निजी और सरकारी जमीनें और इसपर बने ढांचे आएंगे। मुआवजे के लिए इनका मूल्यांकन किया जा रहा है। जल्द मुआवजा वितरण के बाद साइड क्लियरेंस का काम शुरू हो जाएगा। जम्मू-कश्मीर में दाखिल होने पर 432.3 किलोमीटर मार्क से 588.5 किलोमीटर तक एक्सप्रेस-वे का विस्तारीकरण होने वाला है। कठुआ जिले में 43.4 किलोमीटर, सांबा जिले में लगभग 25 किलोमीटर, जम्मू जिले में 72 किलोमीटर, रियासी जिले में 16.5 किलोमीटर तक यह एक्सप्रेस-वे लंबा होगा।