-किसानों को राहत पैकेज की उम्मीद, अधिकारी आज से करेंगे नुकसान का आकलन
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कश्मीर में अचानक आई बाढ़ से घाटी के चार दक्षिणी जिलों में हजारों एकड़ में फैली धान और सेब की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। लगातार बारिश और बादल फटने से झेलम के उफान पर आने से अनंतनाग और पुलवामा जिलों के कई इलाकों में पानी भर गया। चावल की खड़ी फसल बर्बाद होे गई। किसानों को काफी आर्थिक क्षति पहुंची है।
अनंतनाग के शमसीपोरा के किसान मोहम्मद यूनिस ने बताया कि इस महीने केे अंत में धान की फसल की कटाई होनी थी लेकिन बाढ़ से सब कुछ नष्ट हो गया। पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर गई। यूनिस ने कहा कि पुलवामा और कुलगाम जिलों में भी यही हाल है। बताया कि कश्मीर में सर्वाधिक चावल इसी इलाके में होता है लेकिन बाढ़ से सब तबाह हो चुका है।
अनंतनाग के ताचू, दूरू, शमसीपोरा, मुनिवार, लालीपोरा और मल्लापोरा और पुलवामा के कुलगाम, काकापोरा और नेवा में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। पुलवामा से सटे बडगाम के कुछ इलाकों में को भी नुकसान हुआ है। अनंतनाग के दचनीपोरा इलाके में सेब के बाग बर्बाद हो गए हैं।
बागवानी विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि लिद्दर नदी के किनारे बसे सल्लर, श्रीगुफवारा, कुल्लर और अन्य गांवों में सेब के पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पुलवामा, शोपियां और कुलगाम में भी सेब की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। अनंतनाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि क्षेत्रीय अधिकारियों की टीम नुकसान का आकलन करने के लिए सोमवार से प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी।
-