जम्मू। शहर में बुधवार सुबह बारिश आफत बनकर आई। कालका कालोनी में पांच और डिल्ली में तीन-चार घर ढह गए। इससे लोग बेघर हो गए, तिरपाल के नीचे गुजर बसर करने को मजबूर हैं। दीवान मंदिर में बिजली गिरने से मंदिर का गुंबद टूट गया। पुजारी बाल-बाल बचा। मंदिर के आसपास के कई घरों में इलेक्ट्रानिक उपकरण जल गए। कई पेड़ मुरझा गए। तवी का जलस्तर बढ़ने से जीवन नगर और आरएस पुरा को जोड़ने वाला धड़प पुल तेज बहाव में बह गया। इससे दो दर्जन गांवों का सीधा संपर्क कट गया है। नानक नगर में दो घरों की दीवारें गिरने की सूचना है। कई जगह नाले उफान पर रहे। गंदगी बारिश के पानी के साथ सड़कों पर फैल गई। सड़कों पर जलभराव से घरों में भी पानी घुस गया। जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खंभे गिरने से भी कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही। सुबह नौ बजे के करीब बारिश थमने के बाद ही सड़कों से पानी की निकासी हो पाई। पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही। कुछ देर पानी आया तो वह भी गंदा।
वार्ड नंबर 48 के काउंसलर शाम बसन ने बताया कि मेयर, डिप्टी मेयर, आयुक्त को भी फोन पर जानकारी दी गई लेकिन मौके पर कोई नहीं आया। अगर फिर से मूसलाधार बारिश हुई तो कालिका कालोनी में और मकानों के ढहने की संभावना है। यहां नाला ओवरफ्लो होने से श्मशान घाट को जाने वाली रोड भी बह गई है। वार्ड में करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। डिली में भी तीन से चार मकान टूटे हैं। छन्नी में हाल ही में बनाई गई सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है।
एसडीआरएफ की टीमें लगीं बचाव में
जम्मू। बारिश से त्रिकुटा नगर, आंबेडकर नगर, गंग्याल, ग्रेटर कैलाश, रूप नगर, कालिका कालोनी, नानक नगर, शास्त्री नगर और संजय नगर में जलभराव की स्थिति रही है। त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन और आंबेडकर नगर में दो से तीन फुट तक पानी घरों में घुस गया। पंपों से पानी की निकासी की गई है। एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मदद की। डिग्याना, रूपनगर में भी करीब 25 घराें में पानी भर गया। गंगयाल में भी जलभराव से परेशानी रही। यहां पर फैक्टरियों और फ्लोर मिल में पानी भर गया है। ग्रेटर कैलाश इलाके में पानी का ओवर हैड टैंक धराशायी हो गया। छन्नी में सड़क पानी में बैठ गई है। शास्त्री नगर में नाले के साथ लगती दीवार उफान से टूट गई और पानी सीधा लोगों के घरों में जा घुसा।
मुख्य चौक भी बने रहे तालाब, हादसों की भी सूचना
जम्मू। शहर के मुख्य चौक ज्यूल चौक, पनामा चौक, गांधी नगर, एक्सटेंशन रोड, महेशपुरा चौक, शिव मंदिर तवी नदी के पास फ्लाईओवर समेत अन्य चौकों और सड़कों में पानी भरा रहा। वाहन चालकों को निकलने में काफी परेशानी आई। कुछ चौकों पर हादसों की भी सूचना है। रेलवे रोड, कनाल रोड, फ्लाईओवर शिव मंदिर के अलावा अन्य जगहों में आधा से एक फुट तक पानी भरा रहा है। सब्जी मंडी गंगयाल, नरवाल में भी यही हालात रहे।
खंभे गिरने से आधे से ज्यादा शहर में बिजली गुल रही
जम्मू। बारिश से आधे से ज्यादा शहर में बिजली प्रभावित रही। 33केवी लाइन के खंभे गिरने से गंगयाल, शास्त्री नगर, त्रिकुटा नगर, सैनिक कालोनी और अन्य इलाकों में सुबह सात बजे गई बिजली देर शाम तक बहाल नहीं हो पाई थी। बिजली जाने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही। बिजली विभाग को लगभग दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। शहर के अन्य इलाकों में भी यही हाल रहा। कहीं खंभे तो कहीं टांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ जगह अस्थायी प्रबंध कर बिजली बहाल की गई। एक्सइएन पीडी सिंह ने बताया कि 33 केवी लाइन के खंभे गिरने से परेशानी आई। इस कारण कुछ इलाकाें में बिजली बहाली के लिए दिन भर काम चलता रहा।
कांग्रेस का आरोप-भाजपा ने नाले की चौड़ाई कम करवा मुसीबत में डाले लोग
जम्मू। वार्ड 56 गंग्याल में नाला ओवरफ्लो होने से लोगों के घरों में पानी घुस गया। कई घरों में तीन-तीन फुट तक पानी था। नगर निगम जम्मू के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सतीश शर्मा ने हालात का जायजा लिया और प्रशासन से हर संभव मदद का भरोसा दिलवाया है।
उन्होंने कहा कि साल 2014 में कांग्रेस-एनसी की सरकार के समय इस नाले का काम शुरू करवाया गया था। एशियन डेवलपमेंट बैंक से इसकी 70 करोड़ फंडिंग करवाई गई थी। नाले की चौड़ाई इसके पानी के बहाव को देखते हुए 30 मीटर रखी गई थी लेकिन बाद में सरकार बदल जाने के बाद भाजपा नेताओं ने कुछ लोगों के फायदे के लिए नाले की चौड़ाई काफी कम कर दी, जिसकी वजह से नाला आज ओवरफ्लो हो गया।
तवी का पानी हुआ मटमैला, घरों में गंदे पानी की सप्लाई
जम्मू। बारिश से जहां पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई वहीं घरों में मटमैले पानी की सप्लाई हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक तेज बारिश से तवी नदी का पानी मटमैला हो गया है। इस कारण लोगों के घरों में ऐसा पानी पहुंच रहा है। पानी को फिल्टर करने में दो से तीन दिन लगेंगे। इस कारण शहर को जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिल रहा है। 54 एमजीडी की जगह 35 एमजीडी पानी की ही आपूर्ति हो पाई। इस कारण कुछ जगहों पर पेयजल किल्लत रही। आगे भी ऐसी ही बारिश रही तो समस्या विकराल रूप धारण कर सकती है। हालात सामान्य होने पर ही सुचारु पेयजल आपूर्ति हो पाएगी
शहर में बहने वाले 171 छोटे-बड़े नालों ने बरपाया कहर
जम्मू। मानसून की पहली तेज बारिश में नगर निगम के दावे भी खोखले साबित हुए हैं। शहर में नालों को चौड़ा करने, मलबा निकालने के नाम पर नगर निगम करोड़ों रुपये अमृत योजना के तहत खर्च कर चुका है। साथ ही दावा कर चुका है कि बारिश में पानी की निकासी सही तरीके से होगी लेकिन बुधवार सुबह बारिश में शहर में बहने वाले 171 छोटे बड़े नालों ने कहर बरपाया।
गंगयाल के रहने वाले सूरज कुमार, श्याम कुमार और नरेश ने बताया कि संभलने का मौका ही नहीं पानी सीधा घरों में घुस गया। शास्त्री नगर के मनोज ने बताया कि घरों में यकायक दो से तीन फुट पानी आया। इससे सामान खराब हो गया है। हेल्थ एंड सेनीटेशन कमेटी के अध्यक्ष बलदेव सिंह ने बताया कि बताया कि नालों की सफाई सही तरीके से करवाई गई है। पानी का यकायक जलस्तर बढ़ गया था। इस कारण परेशानी आई है। प्रभावित जगहों में प्रबंध करवाए जा रहे हैं।
तवी खतरे से के निशान से दो फुट नीचे
मंगलवार से जारी बारिश ने नदियों का जलस्तर बढ़ा दिया है। तवी नदी में पिछले साल अधिकतम जलस्तर 5 फुट था, जो बुधवार बढ़कर 8 फुट पहुंच गया है। 10 फुट को खतरे का निशान माना जाता है। चिनाब नदी में पानी का स्तर 27 फुट है। बीते वर्ष अधिकतम जलस्तर 30 फुट और वर्ष 2014 में चिनाब का जलस्तर 52 फुट चला गया था।
लोगों को संभलने का भी मौका नहीं मिला
जम्मू। संजय नगर के सेक्टर एक और दो में नाला ओवरफ्लो होने से घरों में दो से तीन फुट तक पानी घुस गया। सुबह आठ बजे के करीब अचानक यह सबकुछ हुआ। लोगों को सामान संभालने का मौका भी नहीं मिला। नानक नगर सेक्टर 9 में भी यही हाल रहा। संजय नगर के केएल शर्मा ने निगम पर आरोप लगाया कि नालों की साफ सफाई सही ढंग से न किए जाने की वजह से यह नुकसान हुआ।
रेलवे कॉलिनियों में कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
जम्मू। बारिश से रेलवे कॉलोनियों में भी पानी जमा हो गया। घरों में भी घुस गया। रेलवे की पूर्वी कॉलोनी में सबसे अधिक नुकसान हुआ। रेलवे कर्मचारियों ने रेलवे प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। वहीं 4 से 5 घंटे तक के अघोषित कटों से भी लोग परेशान रहे। ब्यूरो
अगर दिन में बिजली गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था
जम्मू। दीवान मंदिर पर बुधवार सुबह 8 बजे तेज आवाज के साथ बिजली गिरी। मंदिर परिसर में रहने वाले अमित शर्मा ने बताया कि घटना के समय वह कमरे के बाहर छाता लेकर खड़े थे। तभी देखा आसमान से सूरज की प्रचंड रोशनी की तरह बिजली सीधे मंदिर के गुंबद पर आकर गिरी। बिजली इतनी तेजी के साथ गिरी कि उसे देख पाना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि अगर दिन के समय बिजली गिरती तो शायद जानी नुकसान हो सकता था। बारिश के कारण घटना के समय अधिकतर लोग घरों के भीतर ही थे।
सुरक्षाबलों के लिए अहम था धड़प पुल
जम्मू। बारिश में बहा धड़प पुल सामरिक दृष्टि से सुरक्षाबलों की आवाजाही के लिए काफी अहम था। इसी पुल के जरिये बीएसएफ और सेना के वाहन जीवन नगर से आरएस पुरा तक पहुंचते थे। इसके अलावा दर्जन भर गांव के हजारों लोगों की आवाजाही होती है।
संभाग में सड़कों से लेकर पुलों को भारी नुकसान
जम्मू। सड़क एवं भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर अशोक कुमार किकलू ने कहा कि भारी बारिश और बाढ़ से सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचा है। संभाग भर से नुकसान की सूचना मिल रही है। जिला स्तर पर एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों से नुकसान की रिपोर्ट तलब की गई है। एक से दो दिनों में पूरी रिपोर्ट मिल जाएगी। उनका कहना है कि जम्मू जिले में जीवन नगर को धड़प क्षेत्र से जोड़ने वाले पुल का हिस्सा बह गया है। उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया है। मौसम साफ होने पर सड़कों व पुलों को पहुंची क्षति की मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर किया जाएगा।