ओवर ग्राउंड वर्कर जिसे संक्षेप में ओजीडब्ल्यू कहा जाता है। ये आम लोगों की तरह रहकर आतंकियों के लिए काम करते हैं। किसी आतंकवादी घटना को अंजाम देने के लिए ये ओजीडब्ल्यू आतंकवादियों के लिए जमीन तैयार करते हैं।
यह आतंकियों तक सुरक्षाबलों की सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही उनके लिए हथियार, पैसा और सुरक्षित ठिकाने का बंदोबस्त करते हैं। आतंकवादियों के साथ ही ये ओजीडब्ल्यू सेना के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं।
सुरक्षाबलों के भारी दवाब के चलते आतंकी और उनके मददगार ओवर ग्राउंड वर्कर छिपे हुए हैं। सुरक्षाबलों ने ऐसी रणनीति बनाई है कि आम लोगों के साथ उनका संपर्क ही न होने पाए। इसके चलते पथराव की घटनाएं भी कम हुई हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के पास मौजूद इनपुट के अनुसार, घाटी में फिलहाल 300 आतंकी सक्रिय हैं। ओजीडब्ल्यू की संख्या छह हजार से अधिक है। यह ओजीडब्ल्यू ही आतंकियों को मदद पहुंचाने के साथ घाटी में हिंसा और पत्थरबाजी को भी बढ़ावा देते हैं।