जम्मू संभाग में लकड़ी के खंभों और तारों को बदलने का फैसला लिया गया है। इस पर पांच सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। गर्मी में संभाग में सुचारु बिजली आपूर्ति मुहैया करवाई जाएगी। यह बात ग्रीष्मकालीन तैयारियों की समीक्षा के लिए बिजली कॉरपोरेशन के प्रमुख सचिव रोहित कंसल ने बैठक के दौरान कही।
रोहित कंसल ने विभाग की ओर से व्यक्तिगत और व्यवस्थित सुरक्षा को पर्याप्त रूप से बढ़ाने का निर्देश दिया। प्रधान सचिव ने कहा कि कर्मियों के कल्याण के लिए फील्ड वर्कर्स का बीमा करेगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि मरम्मत करने वाले सभी ट्रांसफार्मर गर्मी की शुरुआत तक दुरुस्त होने चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर और ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे तक क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर को बदला जाए।
उन्होंने कार्यशालाओं की क्षमता बढ़ाने के भी निर्देश दिए। अकसर गर्मी के मौसम में खराबी आने पर काफी परेशानी आती है। कंसल ने अधिकारियों को अपनी शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया जैसे ट्विटर का इस्तेमाल करने को भी कहा। चौबीसों घंटे कॉल सेंटर सुविधा ग्राहकों को दी जाए। इसमें आने वाली शिकायतों का हल किया जाए। कंसल ने कहा कि ट्रांसमिशन कंपनियां परियोजनाओं का काम समय पर पूरा करें।
उन्होंने मार्च-2021 के अंत में कठुआ और सांबा में ग्रिड स्टेशनों को पूरा करने के लिए निष्पादन एजेंसियों को भी निर्देशित किया। कहा कि जम्मू-उधमपुर-बारामुला रेल लाइन के लिए बनाए जा रहे ट्रांसमिशन कार्यों को प्रधानमंत्री की इच्छा के अनुसार तेजी से पूरा करें। बैठक में बताया गया कि अप्रैल महीने तक जम्मू डिवीजन में स्टॉक में कुल 1382 ट्रांसफार्मर हैं। इनमें 85 नए ट्रांसफार्मर शामिल हैं। उनकी कार्यशालाएं प्रति माह 200 से 300 ट्रांसफार्मर की मरम्मत के लिए डबल शिफ्ट में काम कर रही हैं। अधिकारियों ने सूचित किया कि निविदाएं पहले से ही मांगी गई हैं। इस पर तेज गति पर काम शुरू हो जाएगा।