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Jammu News: एनआईटी में नैनो और सुपर मॉलिक्युलर केमिस्ट्री पर शुरू हुआ पहला राष्ट्रीय सम्मेलन

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एनआईटी में ‘नैनो और सुपर मॉलिक्युलर केमिस्ट्री’’’’ पर शुरू हुए दो दिवसीय सम्मेलन में पु​स्तिका
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राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर में वीरवार को नैनो और सुपरमॉलिक्युलर केमिस्ट्री पर पहला राष्ट्रीय सम्मेलन (एनसीएनएससी-2025) शुरू हुआ। रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य विषय नैनोकेमिस्ट्री और सुपर मॉलिक्युलर विज्ञान में अत्याधुनिक विकास है। सेमिनार का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए एनआईटी के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने कहा कि नैनोसाइंस हमें नैनोस्केल पर पदार्थों को समझने में मदद करता है, जिससे चिकित्सा, पदार्थ इंजीनियरिंग आदि क्षेत्रों में संभावनाओं के द्वार खुलते हैं।
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डीन अनुसंधान एवं विकास प्रो. रूही नाज़ मीर ने चिकित्सा, ऊर्जा और पदार्थ विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में नैनो रसायन विज्ञान और सुपर मॉलेक्यूलर रसायन विज्ञान की परिवर्तनकारी क्षमता पर प्रकाश डाला। रजिस्ट्रार प्रो. अतीकुर रहमान ने कहा कि जैसे-जैसे हम 21वीं सदी में प्रवेश कर रहे हैं, नैनोटेक्नोलॉजी और सुपरमॉलिक्युलर केमिस्ट्री का सम्मिलन न केवल वैज्ञानिक विषयों को नया रूप दे रहा है, बल्कि सामाजिक चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत कर रहा है।
अध्यक्षता कर रहे प्रो. मोहम्मद अकबर खुरू ने कहा कि नैनो और सुपरमॉलिक्युलर केमिस्ट्री समकालीन चिकित्सा द्वारा प्रस्तुत चुनौतियों पर काबू पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह युवा शोधकर्ताओं के लिए नए विचारों और सफलताओं से जुड़ने का एक सुनहरा अवसर होगा। सम्मेलन की अध्यक्ष एवं रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. कौसर मजीद ने कहा कि हमारा दृढ़ विश्वास है कि खुला संवाद और गहन वैज्ञानिक चर्चा युवा शोधकर्ताओं को दुनिया की कुछ सबसे गंभीर चुनौतियों के समाधान में सार्थक योगदान देने में मदद कर सकती है।
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इस दौरान चिकित्सा विभागाध्यक्ष, प्रो. (एचएजी) एमएफ वानी और वरिष्ठ संकाय सदस्य को एनआईटी श्रीनगर के विकास और उत्कृष्टता में उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण में डॉ. जिग्नेश कुमार वी रोहित ने कहा कि एनसीएनएससी-2025 का लक्ष्य नैनो और सुपरमॉलिक्युलर सामग्रियों में हालिया प्रगति पर विचार-विमर्श करना और रासायनिक विज्ञान में अंतः विषय सहयोग को प्रोत्साहित करना है। डॉ. रवि कुमार ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
सम्मेलन में सारांश पुस्तिका का विमोचन
उद्घाटन सत्र के दौरान सम्मेलन सारांश पुस्तिका का आधिकारिक रूप से अनावरण किया गया, जिसमें दो दिवसीय कार्यक्रम में चर्चा किए जाने वाले शोध विषयों की विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित की गई। सम्मेलन के दूसरे सत्र में आईआईटी इंदौर के रसायन विज्ञान विभाग के प्रो. रजनीश मिश्रा ने ‘फेनोथियाज़ीन व्युत्पन्नों के मेकेनोफ्लोरोक्रोमिज़्म’ विषय पर व्याख्यान दिया। जामिया मिलिया इस्लामिया की प्रो. सैका इकराम, बार्क मुंबई के डॉ. हीराकेन्दु बसु, एनआईटी वारंगल तेलंगाना के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. रघु चित्ता, कश्मीर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. डार ऐजाज़ अहमद, इमान अब्दुल रहमान बिन फैसल विश्वविद्यालय दम्मम सऊदी अरब के अनुसंधान एवं चिकित्सा परामर्श संस्थान की डॉ. सूरिया रहमान ने भी विचार व्यक्त किया। तीसरे सत्र में आईयूएसटी अवंतीपोरा के रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. आबिद हुसैन शल्ला, उत्तराखंड के अल्मोड़ा स्थित एसएसजे विश्वविद्यालय की प्रो. रोबिना अमन, डॉ. एसएसबी यूआईसीईटी के प्रो. अमृत पाल तूर, जामिया मिलिया इस्लामिया नई दिल्ली के रसायन विज्ञान विभाग की डॉ. ज़ेबा हक, कश्मीर विश्वविद्यालय के डॉ. केसर सिद्दीक भट, आईआईटी रुड़की की डॉ. निवेदिता राणा, कश्मीर विश्वविद्यालय के डॉ. रेयाज़ हसन मीर और एसकेयूएएसटी-कश्मीर के डॉ. सुभाष चंद ने भी विभिन्न विषयों पर अपनी बातें कहीं।
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