बीएसएफ की ओर से रविवार को ढेर किए गए तीनों तस्कर पाकिस्तान की गुलजार पोस्ट के सामने से भारतीय सीमा में घुसे थे। तस्कर कोहरे का फायदा उठाने की फिराक में, सुरक्षा बल भी ज्यादा सतर्कता बरत रहे।
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ और नशा तस्करी के प्रयास पहले भी किए जाते रहे हैं और सुरक्षा बलों ने हर बार साजिश को नाकाम बनाया है। सांबा सेक्टर में नशा तस्करी में पाइप का इस्तेमाल पहली बार किया गया है। रविवार को हेरोइन के पैकेट पाइप के जरिए भारतीय सीमा में गिराए जाने थे।
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इसी क्षेत्र में नशे की डिलीवरी लेने के लिए तस्करों ने भी पहुंचना था और खेप को मंजिल तक पहुंचाना था। इससे पहले ही सुरक्षा बलों ने सांबा सेक्टर में भारतीय सीमा में घुसे तीन तस्करों को ढेर कर दिया। पाकिस्तान ने एक बार फिर से पंजाब की तर्ज पर नशा तस्करी तेज कर दी है। इन दिनों सीमा क्षेत्र में घना कोहरा और धुंध रहती है।
इसकी आड़ में पाकिस्तान नशे की तस्करी और घुसपैठ की साजिश रचता है। इन दिनों सुरक्षा बल भी ज्यादा सतर्क रहते हैं। एक बार फिर से नशे की तस्करी के लिए उसी मार्ग को चुना गया। जहां पिछले वर्ष पाकिस्तान की ओर से सुरंग खोदी गई थी।
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बता दें, 15 वर्ष पहले भी सुरक्षा बलों ने सांबा सेक्टर के राजपुरा में दो तस्करों को ढेर किया था। दोनों पंजाब के रहने वाले थे। रविवार को बीएसएफ की ओर से ढेर किए गए तीनों तस्कर पाकिस्तान की गुलजार पोस्ट के सामने से भारतीय सीमा में घुसे थे।
सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने बेयर बैग पोस्ट के सामने उन्हें ढेर कर दिया। रविवार शाम को पाकिस्तानी रेंजरों के साथ बीएसएफ के अधिकारियों ने फ्लैग मीटिंग की, जिस पर पाकिस्तानी रेंजरों ने तस्करों के शव लेने से इनकार कर दिया।
अरनिया में 2021 में पाइप से पहुंची थी 62 किलो हेरोइन
इससे पहले अरनिया सेक्टर के बुधवार पोस्ट पर 2021 में पाइप के जरिये नशा तस्करी की गई थी। इस दौरान सुरक्षा बलों ने 62 किलो हेरोइन और हथियार बरामद किए थे। हथियारों में 9एमएम पिस्टल और 200 कारतूस शामिल थे। बता दें, पाकिस्तान घुसपैठ के अलावा नार्को टेरेरिज्म पर ज्यादा जोर है। नशे से मिलने वाली राशि को आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल किया जाता है। आतंकियों के लिए हथियार भी खरीदे जा रहे हैं।