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चला रहे थे फर्जी बैंक, जाना होगा जेल

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रूरल डेवलपमेंट मल्टीपर्पस कोआपरेटिव लिमिटेड द्वारा बिना रिजर्व बैंक आफ इंडिया की अनुमति के बैंकिंग करने का मामला सामने आया है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य कोआपरेटिव सोसायटी की ओर से रूरल डेवलपमेंट मल्टीपर्पस कोआपरेटिव लिमिटेड के चेयरमैन को नोटिस जारी किया गया है।
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इसमें जवाब मांगा गया है कि बिना अनुमति के लोगों के पैसे जमा क्यों किए और किससे पूछ कर बैकिंग की जा रही है। चेयरमैन की तरफ से दिए गए जवाब को असंतुष्ट करार दिया गया है। अब मामला आरबीआई और नाबार्ड के पास भी पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार राज्य कोआपरेटिव सोसायटी के संयुक्त रजिस्ट्रार की ओर से चेयरमैन को नोटिस जारी किया गया है।

इसमें लिखा गया है कि सोसायटी के पास शिकायत आई है कि रूरल डेवलपमेंट मल्टीपर्पस कोआपरेटिव लिमिटेड बैंक खोल कर मेंबरों और नान मेंबरों से लेन-देन कर रहा है, जबकि ऐसा सिर्फ आरबीआई से अनुमति लेने पर ही किया जा सकता है। कोआपरेटिव के पास एक बाउचर भी पहुंचा है, जिसमें खुद को बैंक बताया गया है।
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किसी भी तरह के पैसे जमा करना या फिर लोन देना। बिना अनुमति के नहीं हो सकता। इसलिए ऐसा करने का कारण बताना होगा।
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बैंक बनाने की पूरी तैयारी थी

संतुष्ट जवाब नहीं दिया गया
कोआपरेटिव सोसायटी के पास शिकायत पहुंची थी और इसे लेकर चेयरमैन को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोई संतुष्ट जवाब नहीं दिया गया। बिना अनुमति के मेंबरों और नान मेंबरों के साथ लेन-देन नहीं किया जा सकता। इस मामले की जांच चल रही है। मामला नाबार्ड और आरबीआई के पास भी पहुंचा हुआ है। उनकी तरफ से भी जांच चल रही है।
संयुक्त रजिस्ट्रार, कोआपरेटिव सोसायटी, फरीदुदीन

सिर्फ मेंबरों के साथ की बैकिंग
सिर्फ मेंबरों के साथ ही बैकिंग की गई है। कुछ एक लोगों से बिना मेंबर के बैकिंग हुई, इसके लिए सोसायटी को माफीनामा भेजा गया था। इसके बावजूद भी वह संतुष्ट नहीं है। हर एक ट्रांजेक्शन और लेन-देन का पूरा रिकार्ड हुआ है। इसकी कभी भी जांच की जा सकती है।
चेयरमैन, सुरजीत कुमार, रूरल डेवलपमेंट मल्टीपर्पस कोआपरेटिव लिमिटेड

क्या होता है काम
राज्य कोआपरेटिव सोसायटी के बैनर तले रूरल डेवलपमेंट मल्टीपर्पस कोआपरेटिव लिमिटेड को ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य के लिए काम करना होता है। गांव में सदस्य बनाकर लोगों को लाभ देना होता है। इसमें लोन की योजनाएं होती हैं।
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