सांबा में आग से जली गेंहु की फस्ल
- फोटो : SAMBA
सांबा। गत दिनों से हो रही बूंदाबांदी के चलते किसान काफी परेशान थे। किसानों की तैयार गेहूं की फसल के नष्ट होने की आशंका बनी हुई थी। किसान जगदीश कुमार, गारू राम, सूरत सिंह आदि के अनुसार किसान पहले से ही निराश थे, क्योंकि दूसरे राज्यों से आने वाले श्रमिक ही नहीं पहुंच रहे थे। बारिश के चलते कंबाइन मशीनें भी क्षेत्र में नहीं पहुंच रही थी। किसानों को लगने लगा था कि पता नहीं उनकी गेहूं की फसल उनके घरों तक पहुंचेगी भी या नहीं।
किसानों को आशंका की कि कहीं बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई तो उनकी गेहूं की खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचेगा। बारिश रुकने पर शनिवार को खिली धूप से कंबाइन मशीन के क्षेत्र में पहुंचने से किसानों को राहत मिली है। अब किसान अपनी फसल को समेटने में जुटे हैं।
-----
किसानों ने ली राहत की सांस
घगवाल (सांबा)। कोरोना के चलते गेहूं की कटाई के लिए कंबाइन मशीनें सीमावर्ती क्षेत्र में पहुंचने से किसानों ने राहत की सांस ली है। क्योंकि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए दूसरे राज्यों से गेहूं की कटाई के लिए आने वाले लोगों के नहीं पहुंचने से किसानों को दिक्कत हो रही थी। अब कंबाइन मशीन पहुंचने से लोगों में खुशी है। किसान बलबीर काटल, सिमरदीप, अभिनंदन, गारू राम व केवल ने बताया कि गेहूं की फसल तैयार है। अगर बारिश फिर से होती है तो पूरी फसल बरबाद हो जाएगी। ऊपर से कोरोना के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं, जिसको देखते हुए लोग शीघ्र गेहूं की कटाई चाहते हैं। ताकि वह लोग भी घरों से बाहर न निकलें और कोरोना से बचे रहें। संवाद