बाड़ी ब्राह्मणा। बैसाखी आने को है। गेहूं की फसल पककर कटाई के लिए तैयार है। किसानों के चेहरे पर खुशी है। दूसरी ओर एक माह दहशत में रहते हैं कि कहीं कोई अप्रिय घटना उनकी फसल के साथ न हो पाए। इसको लेकर हर साल वह प्रशासन से क्षेत्र में फसल की बेहतरी और नुकसान न होने के लिए बातचीत करते रहते हैं।
उल्लेखनीय है कि बिश्नाह, अरनिया, बाड़ी ब्राह्मणा के निचले क्षेत्रों में इस बार गेहूं की फसल की बंपर पैदावार है। इस समय लहलहाती फसल को देखकर अप्रिय घटना से बचाव के लिए अगर दमकल विभाग की बात करें तो ऐसे सख्त कदम विभाग की तरफ से नहीं उठाए गए हैं, जिससे आग लगने जैसी घटना पर काबू पाया जा सके। गर्मी के दिनों में शॉर्ट सर्किट से गेहूं की फसल में आग पकड़ लेती है। सैकड़ों एकड़ फसल कुछ ही देर में जलकर तबाह हो जाती है। इसके बावजूद प्रशासन की तरफ से न ही गाड़ियां बढ़ाई जाती हैं और न ही स्थिति से निपटने के लिए कोई और पुख्ता बंदोबस्त किए जाते हैं। जम्मू की दो तहसील अरनिया व सुचेतगढ़ में ही लगभग 300000 कनाल भूमि खेती योग्य है। दमकल विभाग की तरफ से इनमें सिर्फ दो ही गाड़ियां आग बुझाने के लिए तैनात की गई हैं। दूसरी ओर अगर आग बुझाने के लिए सुचेतगढ़ से गाड़ी को निचले इलाकों में जाना पड़े तो उसे 20 से 25 मिनट लगता है। देरी होने के कारण फसल राख हो जाती है। कई पंचायतों के सरपंचों व पंचों ने कहा कि उनके क्षेत्रों में सामान्य तौर पर ही गाड़ियां खड़ी कर देनी चाहिए।
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अरनिया चकरोई और आरएस पुरा से पंचायत तक गाड़ी पहुंचने में आधा घंटा लग जाता है। इससे आग लगने पर काफी नुकसान हो जाता है। हम चाहते हैं कि पंचायत में एक सब स्टेशन अस्थायी तौर पर सीजन में तैयार करके गाड़ी खड़ी कर दी जाए ताकि आसपास के क्षेत्रों में भी उसका फायदा मिल सके।
-राकेश सिंह, नायब सरपंच, पंचायत पर्लहा
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आजकल गेहूं फसल की कटाई 10 से 15 दिन में हो जाती है। यह समय हमारे लिए काफी महत्व रखता है। दमकल विभाग को हमारी इस समस्या को समझना चाहिए, और अस्थायी तौर पर कम से कम एक गाड़ी क्षेत्र में तैनात कर देनी चाहिए। इस बार गेहूं की फसल को आग से बचाने के लिए दमकल विभाग की तरफ से अस्थायी कैंप लगाकर गाड़ी खड़ी की जाएगी। कुछ स्टेशनों पर एक से बढ़ाकर गाड़ियों की संख्या 2 की जाएगी।
-दर्शन कुंडल, पंच
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आरएस पुरा, बिश्नाह और अरनिया में स्टेशन किराए पर चल रहे हैं। इससे काफी परेशानी आती है। क्योंकि वहां पहले से ही एक गाड़ी खड़ी करने की जगह है। अगर हम संख्या बढ़ाते हैं तो वह सड़क पर खड़ी करनी पड़ेगी। इसके अलावा इस बार हम अस्थायी शिविर लगाकर गाड़ियों को ज्यादा फसल की पैदावार वाले इलाकों में खड़ा करेंगे। जैसे एक सब स्टेशन अस्थायी तौर पर रिकवरी में बना दिया जाएगा। उसके अलावा विभाग की खुद से एक इमारत रामगढ़ में तैयार हो गई है। जल्द ही वहां गाड़ी भी तैनात कर दी जाएगी। आरएस पुरा, अरनिया और बिश्नाह में गेहूं के सीजन तक एक और गाड़ी बढ़ा दी जाएगी।
-गोवर्धन सिंह, डिवीजनल फायर ऑफिसर