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राजोरी के जंगलों में लगी भीषण आग, LOC पर फेंसिंग को पहुंचा नुकसान

Tue, 07 Jun 2016 08:09 PM IST
रवि वर्मा, अमर उजाला/राजोरी
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राजोरी के जंगलों में लगी आग - फोटो : File Photo
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जंगलों में पिछले कुछ दिनों से लगी भीषण आग से एलओसी पर बनी फेंसिंग को काफी नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार जिले की नौशेरा तहसील के लाम, कलसियां, कलाल, पीर बडवेश्वर, मंजाकोट के गंभीर मुगलां, पुंछ जिले के मेंढर तहसील के बालाकोट, बलनोई सेक्टर के जंगलों में लगी भीषण आग से भारी संख्या में बारूदी सुरंगे फटी हैं।
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एलओसी के पास लगाई गई बारूदी सुरंगे फटने से एलओसी पर फेंसिंग को बहुत नुकसान पहुंचा है। सैन्य सूत्रों व पुलिस सूत्रों के अनुसार सबसे अधिक तबाही लाम सेक्टर व मेंढर के बालाकोट बलनोई सेक्टर में हुई है। इन एलओसी क्षेत्रों में जंगलों में लगी आग ने वन संपत्ति के साथ-साथ बार्डर फेंसिंग को भी नुकसान पहुंचाया है।

सूत्रों की मानें तो सैकड़ों मीटर फेंसिंग को नुकसान पहुंचा है, हालांकि अधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि करने के लिए न तो सेना तैयार है और न ही पुलिस, लेकिन सूत्रों के अनुसार फेंसिंग को हुए नुकसान ने सेना के साथ-साथ अन्य खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ा रखी हैं।
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एलओसी पर बढ़ सकती है घुसपैठ

आग बूझाता वन कर्मी - फोटो : File Photo
फेंसिंग के नुकसान होने से आने वाले दिनों में एलओसी के उस पार से घुसपैठ के प्रयास होने की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। सैन्य सूत्रों व खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार एलओसी के उस पार काफी संख्या में आतंकवादी घुसपैठ की फिराक में बैठे हैं। फेंसिंग के नुकसान के बाद आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ के प्रयास हो सकते हैं।

जब तक सेना फेंसिंग को दोबारा से मरम्मत कर पाती तब तक घुसपैठ के प्रयास हो सकते हैं। इतना ही नहीं अभी तक जंगलों में आग लगने की घटनाएं बरकरार हैं और ऐसे में फेंसिंग की मरम्मत कर पाना भी संभव नहीं है।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को रोमियो फोर्स के हेड क्वार्टर में राजोरी-पुंछ जिलों के सैन्य उच्च अधिकारियों व पुलिस उच्च अधिकारियों के बीच हुई बैठक में भी इस बात पर विचार विमर्श किया गया था।

सेना व पुलिस ने एलओसी पर फेंसिंग को हुए नुकसान के बाद घुसपैठ के प्रयासों को रोकने के लिए रणनीति पर विचार विमर्श किया था। वहीं इस संबंध में कोई भी सैन्य अधिकारी या पुलिस अधिकारी कुछ बताने को तैयार नहीं है, लेकिन फेंसिंग के नुकसान के बाद सेना के साथ-साथ अन्य एजेंसियों की नींद जरूर उड़ी हुई है।
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