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किश्तवाड़ में सेना-पुलिस आमने-सामने: वाहन जब्ती से भड़का विवाद, कमांडिंग ऑफिसर समेत सेना के 40 जवानों पर FIR

Fri, 26 Jun 2026 11:12 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

किश्तवाड़ के अठोली पुलिस स्टेशन में कथित उपद्रव, मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सेना के कमांडिंग ऑफिसर समेत करीब 40 जवानों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
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किश्तवाड़ का अठोली पुलिस थाना। फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार
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किश्तवाड़ जिले के अठोली पुलिस स्टेशन में घुसने, पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कमांडिंग ऑफिसर समेत सेना के करीब 40 जवानों पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसएसपी नरेश सिंह और उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने पुलिस थाने में जाकर घटना की जानकारी ली है। सेना ने कहा कि इस मामले की जांच उचित संस्थागत तंत्र के माध्यम से की जा रही है और संयुक्त जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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घटना 24 जून दोपहर 12 से एक बजे के बीच की है। सूत्रों और अठोली थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार घटना उस समय की है जब किश्तवाड़ के एएसपी प्रदीप सिंह अपनी टीम तथा एआरटीओ तसलीम वानी पाडर क्षेत्र में विशेष जांच अभियान पर थे। इसी दाैरान पुलिस दल ने कथित यातायात नियमों के उल्लंघन पर सेना के एक अधिकारी के निजी वाहन को रोका और जब्त कर लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सेना की ओर से पुलिस अधिकारियों को बताया गया कि उक्त वाहन सेना के उपयोग में है और किराये पर लिया गया है लेकिन जांच टीम ने वाहत को जब्त कर अठोली थाने पहुंचा दिया। हालांकि, बाद में छोड़ दिया गया लेकिन इस कार्रवाई को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव पैदा हो गया।

एफआईआर के मुताबिक 17 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान पुलिस थाना परिसर में घुसे, उपद्रव किया और पुलिसकर्मियों से मारपीट की। आरोप हैं कि मारपीट में एसडीपीओ विजय कुमार भगत और एसपीओ सुरेश कुमार सहित कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। पुलिस स्टेशन के मुख्य द्वार, सरकारी संपत्ति और कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया है। एफआईआर में कमांडिंग ऑफिसर एन अरुण गांधी, मेजर विकास शर्मा और नायब सूबेदार शंकर गुरखे, सिपाही राज कुमार, राहुल कुमार, अनूप सिंह, ओमकार इंगले और अज्ञात सैन्य कर्मियों के नाम हैं।

एफआईआर के मुताबिक घटना के दाैरान एसएचओ इंस्पेक्टर अमृत कोटाच डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में पाडर ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के कार्यालय में बैठक के लिए गए थे। कोटाच ने कहा कि एक कॉल जरिये हमें बताया गया कि कमांडिंग ऑफिसर अरुण गांधी के कहने पर पुलिस स्टेशन परिसर के अंदर हमला किया गया है।

एफआईआर में ये भी कहा गया कि सैन्य कर्मियों ने किश्तवाड़ के सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) और उनके निजी सुरक्षा अधिकारियों के साथ भी पुलिस स्टेशन के अंदर मारपीट की। वाहनों में तोड़फोड़ की गई और पुलिस स्टेशन का मुख्य गेट तोड़ दिया गया।
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इन धाराओं में एफआईआर, एसआई आदर्श कांत करेंगे मामले की जांच
थाने में उपद्रव को लेकर पुलिस ने एफआईआर में बीएनएस की विभिन्न धाराएं लगाई हैं। इसमें गैर-कानूनी रूप से इकट्ठा होना, दंगा करना, जबरन घुसना/आपराधिक घुसपैठ, जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना, आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने के दौरान लोक सेवकों पर हमला करना, हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना व अन्य शामिल हैं। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर आदर्श कांत को जांच सौंपी गई है।

सेना ने कहा- मामले की जांच चल रही
जम्मू स्थित सेना के पीआरओ लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल ने कहा कि यह मामला अठोली में पुलिस द्वारा दर्ज की एफआईआर से संबंधित है। मामला जांच के अधीन है। भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी। संयुक्त जांच के परिणाम के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच की जा रही है, ऐसे में अभी कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
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