एफएए भर्ती में चयनित अभ्यर्थी चयन सूची रद्द करने के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। अभ्यर्थी शकील व अन्य ने कहा कि उन्होंने कड़ी मेहनत से परीक्षा पास की थी। उस समय किसी ने धांधली की बात नहीं की। अब जब चयन सूची जारी हुई और कई अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन हो गया तो धांधली की बात उठ गई। सरकार ने सूची रद्द कर 972 परिवारों का भविष्य बर्बाद कर दिया है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि वह इंसाफ के लिए उच्च न्यायालय जाएंगे। मेरिट सूची में आए सभी अभ्यर्थी इस संबंध में बैठक कर अगला फैसला लेंगे। उसमें तय किया जाएगा कि उन्हें अपनी मांग के लिए सरकार के साथ किस तरह लड़ाई लड़नी है। अभ्यर्थी सुरेंद्र ने कहा कि उन्हें इंसाफ की उम्मीद थी, लेकिन प्रदर्शन करने के बावजूद भी उनसे उनका अधिकार छीना गया है। सरकार को उन लोगों को पकड़ना चाहिए, जिन्होंने गलत किया है, लेकिन सरकार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय चयन सूची रद्द कर दी। अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बता दें, उपराज्यपाल प्रशासन ने रविवार को ट्वीट कर एफएए भर्ती की चयन सूची रद्द करने की जानकारी दी है। हालांकि चयन सूची जारी करवाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी बीते 40 दिनों से जम्मू प्रेस क्लब में धरना दे रहे हैं।