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Jammu News: सफाई पर करोड़ों खर्च का दावा, गंदगी से नाले लबालब

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- कई इलाकों में गाद और कचरे का अंबार
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- लोगों को सता रहा बारिश में जलभराव का डर
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। मानसून की दस्तक के साथ शहर में नालाें की सफाई व्यवस्था पर फिर सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम ने छोटे-बड़े 100 से अधिक नालों की सफाई के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा किया है। बावजूद इसके राजीव नगर, पीरखो, अंबफला, रूपनगर, गांधीनगर, त्रिकुटा नगर और नानक नगर समेत कई इलाकों में नाले गाद, प्लास्टिक और घरेलू कचरे से भरे पड़े हैं। कई स्थानों पर मरम्मत कार्य अधूरे हैं। लोगों को बारिश में जलभराव का डर सता रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई नालों की वर्षों से सफाई नहीं हुई है। कुछ स्थानों पर सफाई शुरू हुई भी तो अधूरी छोड़ दी गई जबकि स्लैब और अतिक्रमण के कारण मशीनें अंदर तक नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसे में पहली तेज बारिश के साथ ही जलभराव की आशंका बनी हुई है। हालांकि नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि बीते 15 अप्रैल से सफाई अभियान और नालों के किनारे फेंसिंग का कार्य लगातार जारी है। अधिकतर कार्य पूरे कर लिए गए हैं। शेष नालों से गाद निकालने का काम तेजी से कराया जा रहा है। इसके बावजूद जमीनी तस्वीरें निगम के दावों की पोल खोल रहीं हैं। शहरवासियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल सफाई, अधूरे कार्य पूरे करने और नियमित निगरानी की मांग की है।
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घरों के मुख्य दरवाजों के आगे खड़े किए थड़े
बारिश का पानी घरों में न घुसे इसके लिए लोगों ने मुख्य दरवाजों और प्रवेशद्वार के आगे तीन से चार फुट तक थड़े बनाए हैं। नानक नगर, लक्ष्मी विहार, सेक्टर-11, 12 और आसपास के इलाकों में हर साल बरसात में नाले का पानी घरों में घुस जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए लोगों को मजबूरन अपने स्तर पर इंतजाम करने पड़े हैं।
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हर बरसात में सड़क और गलियों में पानी भर जाता है। सफाई के दावे हर साल होते हैं लेकिन हालात नहीं बदलते। घरों में बारिश का पानी घुस जाता है। इससे भारी नुकसान होता है।
-राजकुमार, कृष्णा नगर
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नाले में कई फुट तक गाद जमा है। दो साल से ठीक से सफाई भी नहीं हुई। इससे उठने वाली बदबू से बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। नगर निगम को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
- भूपिंदर सिंह, नानक नगर
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कचरे से नाला पूरी तरह भरा हुआ है। यदि समय रहते सफाई नहीं हुई तो बारिश के दाैरान पानी घरों तक पहुंच सकता है। बीते साल 26 अगस्त को भी भारी बारिश के कारण काफी नुकसान हुआ था जिसकी आज तक भरपाई नहीं हुई है।
-संदीप कुमार, पीरखो
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नाले का चौड़ीकरण वर्षों से अधूरा पड़ा है। बरसात में पानी ओवरफ्लो होकर घरों के सामने जमा हो जाता है। इससे आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। बीते कुछ दिनों से शुरू किए गए मरम्मत कार्य भी पूरे नहीं हुए हैं।
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- सुनील कोहली, त्रिकुटा नगर

शहर के 49 प्रमुख नालों में से करीब 90 फीसदी की सफाई पूरी कर ली गई है। शेष बचे कार्य को तेजी से कराया जा रहा है ताकि बरसात के दौरान जल निकासी बाधित न हो। साफ-सफाई के लिए 180 कर्मचारी और 20 मशीनें लगाई गईं हैं।
- डॉ. देवांश यादव, आयुक्त, नगर निगम
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