घाटी से पकड़ी गई फिदायीन युवती को सरकार ने गुपचुप तरीके से पुणे भेज दिया। युवती को 26 जनवरी से एक दिन पहले घाटी से पकड़ा गया था। एडीजीपी मुनीर खान के अनुसार युवती के खिलाफ घाटी में कोई केस नहीं है। इस कारण से उसे क्लीनचिट दे दी गई है।
पुलिस एजेंसियों को सूचना मिली थी कि युवती आत्मघाती हमले के लिए तैयार है। घाटी में घुसपैठ कर चुकी है। पुलिस ने सक्रियता बरतते हुए पुणे से आई एक युवती को पकड़ लिया। युवती नर्सिंग का कोर्स करने के लिए घाटी में आई थी। उससे पूछताछ की गई।
केस नहीं होने के कारण उसे वापस पुणे भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि आत्मघाती महिलाएं फिलहाल घाटी में मौजूद नहीं हैं। पुलिस ने कई सूत्रों से जानकारी प्राप्त की है। सूत्रों ने भी आत्मघाती महिलाएं और युवतियों को लेकर कोई सूचना नहीं दी है।
आतंकियों की मदद के लिए कुछ महिलाएं कई दशकों से आतंकियों से जुड़ी हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।