फूड कारपोरेशन आफ इंडिया ने स्टाफ के अभाव के बीच अनाज स्टोरेज की आ रही समस्या से जूझते हुए पर्याप्त संसाधनों में मार्च अंत तक बड़ी तादाद में अनाज स्टोर करने का लक्ष्य रखा है, ताकि रियासत के जरूरतमंद लोगों को आटा और चावल सस्ते दामों में मुहैया करवाया जा सके।
खासतौर पर तीन रुपये किलो मिलने वाले चावल को लोगों तक पहुंचाया जा सके। इसके अलावा किसानों से अनाज लेने के लिए आठ जगह पर मंडी लगेगी। जहां पर किसान सरकार की ओर से तय दाम के हिसाब से अपना अनाज बेच सकेंगे।
इसकी जानकारी एफसीआई के महाप्रबंधक किशोर कुमार ने मंगलवार को बाहु प्लाजा स्थित कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी। महाप्रबंधक कुमार के मुताबिक उनका लक्ष्य है कि राज्य सरकार के माध्यम से तीन रुपये प्रति किलो के चावल को जरूरतमंदों तक पहुंचाना है।
इस कार्य को पारदर्शिता के साथ करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर है। फिलहाल लेह और कारगिल जैसे शहरों में दस माह तक अनाज स्टोर करके रखा जाएगा। ऐसे में रास्ता बंद होने पर या प्राकृतिक आपदा के समय अनाज के लाले नही पड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान अनाज के डिपो में अनाज सुरक्षित था, जिससे कश्मीर में अनाज की कमी नहीं होने दी गई है। एफसीआई ने किसानों से अनाज लेने के लिए बानाचक्क, सौहांजना, परगवाल, मट्टू (खौड़), गजनसू, सांबा, रामगढ़, कठुआ में सांजी मोड़ और नगरी परोल में मंडी बनाई है।