कर्नाटक में शुरू हुआ हिजाब विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। इस विवाद में अब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी शामिल हो गए हैं। अब्दुल्ला ने कहा, प्रत्येक व्यक्ति को अपनी इच्छानुसार पहनने और खाने का अधिकार है और वह अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करने के लिए स्वतंत्र है। कुछ कट्टरपंथी तत्व हैं जो लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटकर चुनाव जीतने की कोशिश में एक धर्म पर हमला कर रहे हैं।
मुस्लिमों का भारतीय होना काफी नहीं: महबूबा
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुझे डर है कि भाजपा सिर्फ हिजाब पर नहीं रुकेगी। वे मुसलमानों के और धार्मिक चिह्नों को निशाना बनाएंगे और धीरे-धीरे सभी को मिटा देंगे। अब इस देश में मुसलमानों के लिए सिर्फ भारतीय होना ही काफी नहीं, उनका भाजपा समर्थक होना भी जरूरी है।
हिजाब विवाद की एनआईए करे जांच: भट
उडुपी से भाजपा विधायक रघुपति भट ने इस पूरे विवाद की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से कराने की मांग की है। उनका दावा है कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर की साजिश है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को छोड़कर कोई भी मुस्लिम देश हमारे खिलाफ नहीं है। उडुपी में हिजाब पर बैन नहीं लगाया जा सकता। यह उनका धार्मिक अधिकार है, लेकिन स्कूलों में यूनिफॉर्म का पालन किया जाना चाहिए।