श्रीनगर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज शाम लाल लालहाल द्वारा मंगलवार को बहुचर्चित वामिक फारूक मामले को मंगलवार को प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज रशीद अली डार की अदालत में स्थानांतरित किया। इस मामले की अगली सुनवाई 31 दिसंबर को है।
जानकारी के अनुसार जब मंगलवार को इस मामले की सुनवाई शुरू हुई तो शिकायतकर्ता के वकील एजाज अहमद डार ने पहले से न्यायिक हिरासत में आरोपी पुलिस कर्मियों पर धारा 302 के तहत आरोप लगाया जाना चाहिए या नहीं को लेकर अदालत से इस पर चर्चा की अनुमति मांगी। अदालत ने आरोपी पुलिस कर्मियों की अंतरिम जमानत याचिका पर चर्चा शुरू करने के निर्देश दिए।
बाद में किसी भी चर्चा के बिना अदालत ने मामले को प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज रशीद अली डार की अदालत में स्थानांतरण करने के आदेश दिया। मामला 31 दिसंबर को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
अदालत की कार्यवाही खत्म होने के फौरन बाद शिकायतकर्ता फारूक अहमद ने अदालत परिसर में विरोध प्रद्दर्शन किया और मामले से संबंधित कागजात जला दिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत पहले से ही आरोपी पुलिस कर्मियों को बेल देने का मन बना चुकी है। गौरतलब है कि 7वीं कक्षा के छात्र वामिक फारूक की मौत 31 जनवरी, 2010 को राजोरी कदल इलाके में सिर पर आंसू गैस शेल लगने से हुई थी।