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फारूक धड़े का दावा, न्यायालय का फैसला उनके हक में

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जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में नया मोड़ आ गया है। फारूक धड़े ने दावा किया है कि अंसारी धड़े के चुनाव के मामले में न्यायालय ने फैसला उनके हक में दिया है। इसमें जम्मू विंग के उपचेयरमैन की वर्किंग कमेटी की बैठक को भी असंवैधानिक करार दिया गया है। इसी बैठक में चुनाव आयोजित किए गए थे।
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फारूक धड़े की एसोसिएशन के चेयरमैन अरविंदर सिंह मिक्की का दावा है कि न्यायालय से उनके हक में फैसला आने से रियासत में क्रिकेट गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के लिए रास्ता साफ हो गया है। वह बुधवार को जम्मू में पत्रकार वार्ता में इसका खुलासा करेंगे।

वहीं अंसारी ग्रुप के जम्मू विंग के उपचेयरमैन राकेश कुमार का कहना है कि न्यायालय ने चुनाव पर स्टे को बरकरार रखा है। उन्होंने वर्किंग कमेटी की बैठक संविधान के तहत ही बुलाई थी। उनकी ओर से संविधान के तहत ही क्रिकेट गतिविधियां चलाई जाएंगी। 
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113 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच

उल्लेखनीय है कि बीस जुलाई 2015 को श्रीनगर में जेकेसीए के एक धड़े ने एसोसिएशन की वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाकर चुनाव आयोजित कराए थे। इसमें महबूब इकबाल को चेयरमैन, खेल मंत्री इमरान रजा अंसारी को प्रधान, इकबाल शाह को महासचिव बनाया गया था।

जबकि 24 जुलाई को डा. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में दूसरे धड़े ने भी वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाकर पहले धड़े के चुनाव को अवैध घोषित करके जम्मू विंग के उपचेयरमैन और संयुक्त सचिव को निलंबित कर दिया था।

पहले धड़े के चुनाव पर अदालत में स्टे होने का भी दावा किया गया था। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। इस साल जेकेसीए में उठापटक होती रही है। हाल ही में न्यायालय ने जेकेसीए के एक पुराने मामले में 113 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी दी।

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया गया था। जेकेसीए में खींचतान से बीसीसीआई ने पिछले कई साल से क्रिकेट गतिविधियों के लिए जेकेसीए को राशि जारी नहीं की है। इससे राज्य में क्रिकेट को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है।
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