नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं सांसद फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में सेना की संख्या कम या ज्यादा करना सरकार का विशेषाधिकार है। सांसद अब्दुल्ला ने एक मीडिया रिपोर्ट से जुड़े सवालों के जवाब में ऐसा कहा।साथ ही फारूक अब्दुल्ला ने प्रदेश में अतिक्रमण हटाओ अभियान के कथित तौर पर रोके जाने के फैसले पर कहा कि ऐसा लोगों के विरोध के चलते हुआ है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से कश्मीर में भीतरी इलाकों से सेना को वापस लाने पर विचार कर रही है। इस पर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह सरकार का मामला है। वे कितना घटाएंगे या बढ़ाएंगे यह उनका विशेषाधिकार है। इसमें और मुझे कुछ नहीं कहना है।'
वहीं, जम्मू कश्मीर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के कथित रोकने फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि ये लोगों के विरोध के कारण संभव हुआ है। उन्होंने कहा, 'यह लोगों द्वारा आवाज उठाने के कारण हुआ है। अगर लोगों ने आवाज न उठाई होती तो वे (सरकार) अभियान तेज कर देते। लोगों को याद रखना चाहिए कि उनके पास सरकार को हिला देने की ताकत है।'