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श्रीनगरः फारूक अब्दुल्ला की बेटी की याचिका का हुआ निपटारा, कोर्ट ने कहा- अब सुनवाई की आवश्यकता नहीं

Thu, 29 Aug 2019 09:51 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर
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फारूक अब्दुल्ला की बेटी साफिया खान - फोटो : अमर उजाला, फाइल
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हाई कोर्ट की श्रीनगर विंग ने बुधवार को पूर्व सीएम डॉ. फारूक अब्दुल्ला की बेटी साफिया खान द्वारा घर में नजरबंद करने के खिलाफ लगाई गई याचिका का निपटारा कर दिया। न्यायमूर्ति संजीव कुमार ने महाधिवक्ता डीसी रैना की दलील सुनने के बाद कहा कि वह उनकी दलीलों से संतुष्ट हैं और इस याचिका पर अब आगे कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बावजूद अगर याचिकाकर्ता को जरूरत महसूस होता है कि उनके वैधानिक व सांविधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है तो वह भविष्य में अदालत से संपर्क कर सकती हैं।

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साफिया खान ने याचिका में कहा था कि वह और उनके पति शांतिप्रिय नागरिक हैं। उनका किसी भी आपराधिक गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है। बीते पांच अगस्त से उनके परिवार को घर ( 41 - गुपकर रोड, श्रीनगर ) से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया कि वह किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं रखती और न ही उसका किसी राजनीतिक गतिविधि से कोई लेना-देना है। उन्होंने घर के मुख्य गेट के बाहर से पुलिस बैरीकेट हटाने और आने-जाने में लगी पाबंदी हटाने को कहा था।

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वे अपने घर से बाहर आने के लिए स्वतंत्र हैं- एडवोकेट

न्यायमूर्ति संजीव कुमार ने कहा कि जब यह मामला 16 अगस्त, 2019 को पेश किया गया था तब महाधिवक्ता डीसी रैना ने बयान दिया था याचिकाकर्ताओं को न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही हिरासत में लिया गया है। बल्कि याचिकाकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के कदम उठाए गए हैं। ऐसे प्रतिबंध शहर के विभिन्न हिस्सों में शांति और सुरक्षा के लिए लगाए जाते हैं।

बुधवार को जब मामला उठाया गया, तो एडवोकेट जनरल ने सरकार के गृह विभाग के विशेष सचिव द्वारा तैयार एक रिपोर्ट पेश की। एडवोकेट जनरल ने फिर से दोहराया कि याचिकाकर्ताओं को न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही कोई अनुचित प्रतिबंध लगाया गया है। वे अपने घर से बाहर आने के लिए स्वतंत्र हैं। उन पर जो भी प्रतिबंध हैं वह राज्य के हित में सभी नागरिकों पर लागू हैं।
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