राज्यपाल ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और जल्द ही पाबंदियों को धीरे-धीरे उठा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 111 में से 81 पुलिस स्टेशनों में ढील दी जा रही है। तमाम जगहों पर दिन के वक्त कोई पाबंदी नहीं है। कई जगहों पर लैंडलाइन खुल गई है। इंटरनेट खोलने में शायद थोड़ी देरी हो। स्कूल खुल गए हैं, जहां उपस्थिति कुछ जगहों पर अच्छी है तो कुछ जगह कम है। जम्मू के सभी 10 जिलों में मोबाइल सेवा शुरू हो गई है। लद्दाख के 2 जिलों में भी मोबाइल सेवा जारी है। ट्रांसपोर्ट ठीक हो रहा है, अस्पतालों में सारी जरूरी दवाएं हैं।
मलिक ने कहा, 10-20 दिन आप इन दिक्कतों को और स्वीकार कर लें, हमारे लिए एक-एक कश्मीरी भाई की जान महत्वपूर्ण है। हम नहीं चाहते कि एक भी आदमी की जान जाए। अफवाहें फैलाई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि मौत छिपाई जा रही है, जो बिलकुल झूठ है। हम तो छर्रा लगने के आंकड़ों को भी बता रहे हैं। सिर्फ एक केस में गर्दन से ऊपर छर्रा लगा है।
गवर्नर मलिक ने कहा कि राज्य में निवेश नहीं आ रहा था। हम विकास में पीछे रह गए थे। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि 6 महीने में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इतना काम होगा कि पार वाले राज्य के बाहर के लोग भी कहने लगेंगे कि हम उन जैसा होना चाहते हैं।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला करते हुए मलिक ने उन्हें राजनीतिक नौसिखुआ बताया। कहा, राहुल गांधी ने राजनीतिक नौसिखिए की तरह व्यवहार किया। संसद में उन्हीं की पार्टी के एक नेता कश्मीर को अंतरराष्टीय मामला बता रहे थे। वहां राहुल को उसे टोकना चाहिए था।
उन्होंने राहुल पर आगे कहा कि आज यूएन में पाकिस्तान की चिट्ठी में राहुल गांधी के बयान दर्ज हैं। आज कांग्रेस ने कश्मीर को लेकर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। जिस वक्त देश में चुनाव आएंगे, उनके विरोधियों को कुछ कहने की जरूरत नहीं है वो बस ये कह देंगे, ये 370 के हिमायती हैं तो लोग इन्हें जूतों से मारेंगे।