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कश्मीरः राज्यपाल बोले- घाटी में जल्द ही शुरू होगी मोबाइल सेवा, 50 हजार युवाओं को मिलेगी नौकरी

Wed, 28 Aug 2019 10:13 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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governor satyapal malik - फोटो : अमर उजाला
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि आने वाले दो से तीन माह में राज्य के विभिन्न विभागों में 50 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। कहा कि हर कश्मीरी का जीवन हमारे लिए मूल्यवान है। राष्ट्र विरोधी ताकतों के लिए इंटरनेट आसान हथियार है इसलिए इन कनेक्शनों की बहाली कुछ और समय तक स्थगित रहेगी।

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यहां बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में संवाददाताओं से बातचीत में राज्यपाल ने राज्य से जुड़े हर विषय पर खुलकर राज्य प्रशासन का पक्ष रखते हुए कहा कि यह बड़ी बात है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पनपे हालातों के बावजूद कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ है। हां, कुछ हिंसा फैलाने वाले जरूर घायल हुए हैं। केंद्र सरकार द्वारा 370 को हटाने का लिया गया फैसला पूरे प्रदेश के हित में है। 

पाबंदियों के बारे में कहा कि मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग आम लोगों से ज्यादा आतंकवादी घाटी के माहौल को खराब करने के लिए करते। इसलिए हमने इन सेवाओं को बंद किया है। यह हमारे खिलाफ इस्तेमाल होने वाला एक तरह का हथियार है इसलिए हमने इसे रोका है। 
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उन्होंने बताया कि मोबाइल और इंटरनेट सेवा को धीरे-धीरे शुरू किया जाएगा। हमारे लिए लोगों की जान की हिफाजत करना बड़ी जिम्मेदारी थी। धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं, कई इलाकों में पाबंदियों में दी जा रही है। कुपवाड़ा और हंदवाड़ा जिलों में मोबाइल फोन कनेक्टिविटी खोल रहे हैं और जल्द ही अन्य जिलों में भी कनेक्टिविटी खोलेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के सात लाख सेब उत्पादकों की समस्याओं से हम वाकिफ हैं। 50 डिग्री कॉलेज और खोले जाएंगे। लड़कियों के लिए अलग से कॉलेज बनाए जाएंगे। पांच नए मेडिकल कॉलेज बनने हैं। हर जिले में एक आईटीआई होगी। प्रधानमंत्री की पहल पर विभिन्न मंत्रालयों की टीमें लगभग हर दिन राजभवन पहुंच रही हैं। राज्य के विकास के लिए क्या-क्या किया जा सकता है इस पर काम हो रहा है।

 

धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हालात

राज्यपाल ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और जल्द ही पाबंदियों को धीरे-धीरे उठा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 111 में से 81 पुलिस स्टेशनों में ढील दी जा रही है। तमाम जगहों पर दिन के वक्त कोई पाबंदी नहीं है। कई जगहों पर लैंडलाइन खुल गई है। इंटरनेट खोलने में शायद थोड़ी देरी हो। स्कूल खुल गए हैं, जहां उपस्थिति कुछ जगहों पर अच्छी है तो कुछ जगह कम है। जम्मू के सभी 10 जिलों में मोबाइल सेवा शुरू हो गई है। लद्दाख के 2 जिलों में भी मोबाइल सेवा जारी है। ट्रांसपोर्ट ठीक हो रहा है, अस्पतालों में सारी जरूरी दवाएं हैं।

 

एक-एक कश्मीरी की जान कीमती

मलिक ने कहा, 10-20 दिन आप इन दिक्कतों को और स्वीकार कर लें, हमारे लिए एक-एक कश्मीरी भाई की जान महत्वपूर्ण है। हम नहीं चाहते कि एक भी आदमी की जान जाए। अफवाहें फैलाई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि मौत छिपाई जा रही है, जो बिलकुल झूठ है। हम तो छर्रा लगने के आंकड़ों को भी बता रहे हैं। सिर्फ एक केस में गर्दन से ऊपर छर्रा लगा है। 

 

अगले छह माह में बदल जाएगी तस्वीर

गवर्नर मलिक ने कहा कि राज्य में निवेश नहीं आ रहा था। हम विकास में पीछे रह गए थे। मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि 6 महीने में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में इतना काम होगा कि पार वाले राज्य के बाहर के लोग भी कहने लगेंगे कि हम उन जैसा होना चाहते हैं।

 
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राहुल राजनीति के नौसिखुआ

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला करते हुए मलिक ने उन्हें राजनीतिक नौसिखुआ बताया। कहा, राहुल गांधी ने राजनीतिक नौसिखिए की तरह व्यवहार किया। संसद में उन्हीं की पार्टी के एक नेता कश्मीर को अंतरराष्टीय मामला बता रहे थे। वहां राहुल को उसे टोकना चाहिए था। 

उन्होंने राहुल पर आगे कहा कि आज यूएन में पाकिस्तान की चिट्ठी में राहुल गांधी के बयान दर्ज हैं। आज कांग्रेस ने कश्मीर को लेकर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। जिस वक्त देश में चुनाव आएंगे, उनके विरोधियों को कुछ कहने की जरूरत नहीं है वो बस ये कह देंगे, ये 370 के हिमायती हैं तो लोग इन्हें जूतों से मारेंगे।  
 

 
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