पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि घाटी में हो रही पत्थरबाजी पर्यटन के लिए नहीं बल्कि हक के लिए हो रही है।
श्रीनगर लोकसभा सीट उपचुनाव के लिए नेकां-कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी फारूक ने कहा, कश्मीरी युवा अपनी जिंदगी दांव पर लगाए हुए है। यह इसलिए नहीं है कि घाटी में पर्यटन विकास हो, बल्कि वह कश्मीरी मसले का हल कश्मीरी अवाम की मर्जी से करवाना चाहता है।
घाटी के सोनावर में जनसभा के दौरान उन्हाेंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अप्रैल को चिनैनी-नाशरी टनल के उद्घाटन समारोह में युवाओं से टूरिज्म और टेररिज्म में से किसी एक विकल्प को चुनने को कहा था। वह प्रधानमंत्री से कहना चाहते हैं कि टूरिज्म (पर्यटन) हमारी जीवन रेखा है, इसमें कोई संदेह नहीं है।
कश्मीरी युवा वे पत्थरबाज हैं। उन्हें टूरिज्म से कोई वास्ता नहीं है। वे भूख से मर जाएंगे लेकिन अपने हक के लिए पत्थर बरसाते रहेंगे। इस बात को समझने की जरूरत है।