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कश्मीर के हालात बदतर पर नाउम्मीद नहीं हैं फारूक अब्दुल्ला

Sun, 11 Sep 2016 07:29 PM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र, अमर उजाला/जम्मू
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‌रियासत के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला - फोटो : FILE PHOTO
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पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला कश्मीर के बिगड़े हालात से दुखी हैं लेकिन नाउम्मीद नहीं हैं। उन्हें विश्वास है कि कश्मीर इस मुश्किल हालात से बाहर निकल आएगा।
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अमन का माहौल फिर से बहाल होगा और कश्मीर में खुशहाली होगी। लंदन में स्वास्थ्य लाभ कर रहे फारूक अब कश्मीरियों का दर्द बांटने श्रीनगर पहुंच गए हैं। वे कहते हैं कि इंशाअल्लाह, सब ठीक हो जाएगा। अभी कश्मीरियों की भावनाओं की कद्र करते हुए विश्वास का माहौल कायम करने की जरूरत है। 

अमर उजाला से बातचीत में फारूक ने कहा कि अभी-अभी लौटा हूं। जरा हालात ठीक से देख लूं। लोगों से मिलना है। उनकी परेशानियों को समझना है। नेशनल कांफ्रेंस के साथियों से भी मशविरा होगा। मौजूदा हालात से प्रभावित हर शख्स की के दुख को बांटना है। सभी पक्षों और आम कश्मीरियों से उनकी बात जानने के बाद जरूरी कदम उठाएंगे।
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कश्मीर पर लगातार गलतियां हुईं हैं। केंद्र और रियासत सरकार को इन गलतियों को सुधारने की जरूरत है। सबसे बातचीत के बात अपनी बेबाक राय रखूंगा।
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फारूक करीब एक साल बाद लौटे श्रीनगर

फारूक अब्दुल्ला से बातचीत करते उमर - फोटो : PTI
फारूक लगभग एक साल बाद श्रीनगर लौटे हैं। लंदन में उनकी किडनी का ट्रांसप्लांट हुआ था। उसके बाद पिछले साल अप्रैल में श्रीनगर लौटे और दो महीने बाद ही उन्हें फिर लंदन जाना पड़ा था।

लंदन में इलाज और स्वास्थ्य लाभ के दौरान भी फारूक कश्मीर की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे। आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद जब हिंसा भड़की तब फारूक ने लंदन से दो बार बयान जारी कर हालात सामान्य बनाने के लिए केंद्र और रियासत सरकार को सुझाव दिए। 

फारूक ने कहा कि दो-तीन दिन में लोगों से मुलाकात और हालात को जमीन पर देखने के बाद वे ग्राउंड वर्क शुरू करेंगे। फारूक कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से बातचीत के पक्षधर हैं।

उन्होंने समस्या के स्थायी समाधान के लिए इगो और अड़ियल रुख को त्यागने की सलाह दी है। वे कहते हैं कि कश्मीर की समस्या को ला एंड आर्डर का मसला मानकर कार्रवाई करने से बात नहीं बनेगी। समस्या की जड़ को समझना होगा। अत्यधिक फोर्स के इस्तेमाल से स्थिति और बिगड़ेगी। 
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