नेकां के प्रधान एवं पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि स्वायत्तता से ही कश्मीर समस्या का समाधान हो सकता है। यह सही संविधानिक तरीका है। जम्मू-कश्मीर धर्मनिरपेक्ष भारत से जुड़ा हुआ है। भारत के साथ हमारे रिश्ते धर्मनिरपेक्षता पर निर्भर करते हैं। उन्होंने जम्मू दौरे के दौरान आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत के कश्मीर का हिंदू राष्ट्र में विलय कथन पर कटाक्ष किया।
गांदरबल पार्टी हेडक्वार्टर में वर्किंग कमेटी की बैठक में डा. फारूक ने कहा कि कश्मीर समस्या के हल के लिए स्वायत्तता के साथ आगे बढ़ने के लिए वार्ता ही मुख्य रास्ता है। दोनों मुल्कों में तनाव से सीमांत लोगों को भारी जानमाल का नुकसान झेलना पड़ रहा है। भारत के साथ कश्मीर के विलय को लेकर राजनीतिक दलों को अपनी स्थिति स्पष्ट रखनी चाहिए।
जम्मू-कश्मीर में अवाम को विभाजित करने की राजनीति पर काम किया जा रहा है। नेकां जनता की आवाज पर विश्वास रखती रही है। इस मौके पर महासचिव अली मोहम्मद सागर, संभागीय प्रधान नासिर असलम वानी, मियां अल्ताफ आदि मौजूद रहे।