नई दिल्ली की गलत नीतियों के चलते भारत-पाकिस्तान सीमा पर अनिश्चितता का हवाला देते हुए नेकां के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने रियासत को विनाश की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। आरएसएस को खुश कर अपनी कुसी बचाने के लिए पीडीपी यह सब कर रही है।
श्रीनगर में पार्टी कार्यकर्ताओं के बात करते हुए फारूक ने कहा कि आए दिन देखा जाए तो स्थिति बिगड़ती जा रही है, लेकिन जो कट्टरपंथी ताकतें हैं वह आए दिन मजबूत होती दिख रही हैं। जहां कश्मीर में अनिश्चितता बढ़ती जा रही है, वहीं जम्मू संभाग में सांप्रदायिक तत्व घुसपैठ कर अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं।
एक ओर आए दिन क्रेकडाउन, गिरफ्तारियां, रेड आदि कश्मीर में माहौल बिगाड़ने के लिए कराए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार के संरक्षण का लाभ उठाने वाली सांप्रदायिक ताकतों द्वारा लोगों को परेशान किया जा रहा है।
'जमीन पर कुछ भी नहीं बदला है'
फारूक अब्दुल्ला
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फारूक ने यह भी कहा कि सरकार से समर्थन के साथ, हिंदू कट्टरपंथी संगठन आरएसएस जम्मू में अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन करेगा। राज्य और केंद्र सरकार नकली युद्ध में व्यस्त हैं, जबकि जमीन पर कुछ भी नहीं बदला है।
इतना ही नहीं, फारूक ने पीडीपी को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जहां एक ओर लोग परेशानियों से जूझ रहे हैं, वहीं पीडीपी द्वारा अपनी कुर्सी बचाने के लिए आरएसएस को खुश किया जा रहा है।
गौरतलब है कि फारूक ने कश्मीर समस्या का हल खोजने के लिए एक मध्य मार्ग अपनाने के मामले में राज्य और केंद्र सरकार दोनों को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है। कहा कि जल्द कोई रास्ता अगर नहीं ढूंढा गया तो नतीजे बहुत बुरे होंगे।