कश्मीर में स्कूलों को फिर से निशाना बनाया जा सकता है। आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद उपद्रवियों ने 35 स्कूलों को आग के हवाले कर दिया था और 30 से अधिक स्कूल क्षतिग्रस्त किए गए थे। पचास से अधिक सरकारी भवनों को भी नुकसान पहुंचाया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि छात्र-छात्राओं की पत्थरबाजी को हवा देकर उपद्रवी तत्व फिर से स्कूलों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी भवनों में आगजनी कर सकते हैं।सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पुलवामा डिग्री कालेज के प्राचार्य ने पुलिस को सूचना दी थी कि उपद्रवी तत्व कालेज को जला सकते हैं। इसी सूचना के बाद सुरक्षा बल और पुलिस की टीम कालेज पहुंची।
उपद्रवी तत्वों, आतंकी संगठनों और अलगाववादियों से जुड़े कुछ छात्रों ने इसके विरोध में जाम लगाकर पत्थरबाजी की और जवाबी कार्रवाई के बाद कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में कालेजों और स्कूलों के छात्र-छात्राओं को उकसाया गया। पुलिस की काउंसिलिंग के बाद भी अब लगभग एक दर्जन कालेजों में छात्रों के बीच उपद्रवी तत्व सक्रिय हैं। यही कारण है कि पत्थरबाजी का सिलसिला थम नहीं रहा है।