राजोरी पुंछ की नियंत्रण रेखा पर लगाई गई मक्की की फसल काटना किसानों के लिए चुनौती बन गया है। हर रोज होने वाली गोलाबारी की वजह से किसान चिंतित हैं।
पहले किसानों को बोआई करने में गोलियों का सामना करना पड़ा, अब हालात यह है कि किसान अपने खेतों में जाने से कतराते लगे हैं। करीब 20 हजार हेक्टेयर मक्की की खेती पर पाकिस्तान का साया है।
पाकिस्तान लगातार कर रहा संघर्ष विराम का उल्लंघन
कुछ ही दिन में मक्की की कटाई शुरू हो जाएगी, लेकिन किसानों को यह समझ नहीं आ रहा कि हर रोज गोलाबारी में वह कटाई करेंगे कैसे।
जानकारी के अनुसार, राजोरी पुंछ की 28 किलोमीटर लंबी एलओसी पर 20 हजार हेक्टेयर पर मक्की की फसल लगाई गई है। इसमें 12 हजार हेक्टेयर राजोरी और 8 हजार पुंछ का इलाका शामिल है।
पिछले कई दिनों से पाकिस्तान की तरफ से हर रोज संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा है।
मांजाकोट-बालाकोट में रोज हो रही फायरिंग
पाक की तरफ से राजोरी के मांजाकोट सेक्टर और पुंछ के बालाकोट सेक्टर में हर रोज फायरिंग की जा रही है। इसकी वजह से किसानों का खेतों में जाना मुश्किल हो गया है।
गांव दटोत के शकूर अहमद का कहना है कि पहले फसल की बोआई करने में दिक्कतें आई, अब इसे काटने में दिक्कत पेश आ रही है। अभी तो कुछ ही लोगों ने कटाई शुरू की है।
दस हजार हेक्टयर कम हुई खेती की जमीन
अगले कुछ दिन में सब लोग कटाई शुरू कर देंगे, लेकिन हर रोज फायरिंग होने से समझ नहीं आ रहा कि कटाई करेंगे कैसे। क्योंकि पाकिस्तान बड़े गोलों का इस्तेमाल कर रहा है, जो खेतों में आकर गिरते हैं।
इसकी वजह से कटाई करना संभव नहीं दिख रहा। बता दें कि इस वर्ष एलओसी पर हालात खराब होने के चलते करीब 10 हजार हेक्टेयर पर कम खेती हुई है।
यदि हालात ठीक रहते तो आंकड़ा 30 हजार हेक्टेयर पर पहुंचता, जो 20 हजार हेक्टेयर पर सिमट गया।