बेमौसम बारिश से प्रभावित सीमावर्ती इलाके के किसानों ने बारिश में बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा न मिलने पर जिला सचिवालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रशासन और सरकार पर ग्रामीणों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आतंकवाद और पाकिस्तानी गोलाबारी ने पहले ही सीमावर्ती जीवन को नारकीय बना दिया है।
उस पर मौसम ने फसल बर्बाद कर उनकी समस्याओं को सातवें आसमान चढ़ा दिया है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए हीरानगर सब डिवीजन के गांव चक देसा चौधरी के सरपंच राकेश चौधरी ने कहा कि बेमौसम की बारिश से व्यापक नुकसान हो गया है। कश्मीर संभाग में बाढ़ और बारिश के नुकसान पर फौरी मुआवजे की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन जम्मू संभाग के किसानों को अभी तक किसान क्रेडिट कार्ड के ऋण की रियायत का लाभ भी नहीं मिल पाया है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल अशोक शर्मा, रमेश लाल और सूरज कुमार ने कहा कि कश्मीर संभाग में मौसम की खराबी से होने वाले नुकसान पर राज्य और केंद्रीय सरकारें हरकत में आ जाती हैं, लेकिन जम्मू संभाग खासकर सीमावर्ती इलाकों के नुकसान की अनदेखी की जाती है।
उन्होंने कहा कि किसानों की फसलें बुरी तरह से प्रभावित हो गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को फौरी तौर पर विशेष गिरदावरी कर बर्बाद फसल का मुआवजा वितरित करने की व्यवस्था करनी होगी। ऐसा न होने पर किसान अन्य वर्गों के साथ व्यापक आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होंगे।