मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीबीआई की विशेष न्यायाधीश बाला ज्योति ने आईएएस अधिकारी राजीव रंजन को 50 हजार रुपये के निजी बांड पर जमानत दे दी। साथ ही अगली तारीख पर सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहने का आदेश दिया है। राजीव रंजन अपने वकील एसके भट्ट के साथ अदालत पहुंचे थे।
सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम 2002 की धारा 44 और 45 के तहत प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दाखिल शिकायत पर 27 अप्रैल 2024 को हुई सुनवाई के दौरान पारित आदेश का अवलोकन किया।
आदेश के आलोक में अधिवक्ता सुरेखा भट्ट ने पूर्व में ही अदालत को आश्वस्त किया था कि वह आरोपी व्यक्ति को अगली तारीख पर निश्चित रूप से पेश करेंगे और जमानत बांड -व्यक्तिगत बांड भी प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद सोमवार को राजीव रंजन अदालत में उपस्थित हुए और जमानत बांड - व्यक्तिगत बांड भी पेश किया। उन्हें अदालत ने जमानत दे दी। बता दें कि ईडी की शिकायत पर रंजन को अदालत में पेश होने के लिए याचिका दायर की गई थी। जेएनएफ
इनके खिलाफ दर्ज है मामला
प्रवर्तन निदेशालय ने आईएएस अधिकारी राजीव रंजन के अलावा राहुल ग्रोवर, गजन सिंह, इतरत हुसैन रफीकी, तारिक अतहर बेग, जुमुराद हुसैन शाह, सईद अदील हुसैन शाह उर्फ सैयद अदील हुसैन शाह, सईद अकील शाह, आबिद हुसैन शाह, मदन मोहन भार्गव, मुकेश भार्गव, देवी दयाल खजूरिया, कुमार ज्योति रंजन, कृपा शंकर रॉय, गगनप्रीत सिंह, हन्नी प्रीत सिंह, रजिया रफीकी और सईद अतीक उर रहम नाज़की उर्फ डॉ. अतीकल्ला पर गन लाइसेंस मामले में मामला दर्ज किया है।
अपराध में शामिल हैं सभी आरोपी
अदालत ने फर्जी गन लाइसेंस मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि पहली नजर में ऐसा प्रतीत होता है कि आरोपी अपराध में संलिप्त हैं। फिलहाल अभी जमानत दी जा रही है।