फर्जी गन लाइसेंस मामले में सीबीआई ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के सलाहकार रहे बशीर अहमद खान के आवास समेत देशभर में 41 ठिकानों पर छापा मारा। जम्मू-कश्मीर के साथ ही लेह, दिल्ली और मध्यप्रदेश में एक साथ कार्रवाई की गई। इसमें 14 नौकरशाह (जिसमें पूर्व डीएम भी हैं), पांच बिचौलिये व एजेंट, दस गन हाउस व गन डीलर के आवास, प्रतिष्ठान व कार्यालयों पर छापामारी की गई। इस दौरान कई आपत्तिजनक सामग्री, डिजिटल सुबूत बरामद किए गए।
सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि कार्रवाई के दौरान हथियारों के लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज, लाभार्थियों की सूची, एफडीआर में निवेश, वस्तुओं की खरीदारी, संपत्ति से जुड़े कागजात, बैंक अकाउंट के ब्योरे, लॉकर की चाबियां, मामले की जानकारी से जुड़ी डायरी, हथियार लाइसेंस रजिस्टर, इलेक्ट्रानिक सुबूत, मोबाइल फोन बरामद किए गए। नकदी व पुरानी मुद्रा भी मिली है। बसीर को एक सप्ताह पहले ही सलाहकार पद से हटाया गया था। उन्हें जीसी मुर्मू के कार्यकाल में सलाहकार बनाया गया था, जो मनोज सिन्हा के कार्यकाल में भी इस पद पर बने रहे। वे कश्मीर के मंडलायुक्त भी रह चुके हैं। 370 हटाए जाने के दौरान वे मंडलायुक्त थे। उन पर गुलमर्ग भूमि घोटाले का भी आरोप है।
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इन जगहों पर दबिश
प्रवक्ता के अनुसार जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर, अनंतनाग, बनिहाल, बारामुला, जम्मू, डोडा, राजोरी व किश्तवाड़, लेह, दिल्ली और मध्य प्रदेश के भिंड में कार्रवाई की गई। सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर सरकार के अनुरोध पर वर्ष 2018 में दो मामले दर्ज किए थे। आरोप था कि थोक के भाव में 2012 से 2016 तक हथियारों के लाइसेंस जारी किए गए हैं। यह भी आरोप था कि बिना पात्रता के 2.78 लोगों को लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं। सीबीआई ने जांच के दौरान जम्मू-कश्मीर में लाइसेंस जारी करने से जुड़े कागजात पहले ही लिए थे।
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डीएम-एडीएम की मदद से गन डीलरों ने चलाया रैकेट
जांच और दस्तावेजों की छानबीन से पता चला कि इस पूरे रैकेट में कुछ गन डीलरों का हाथ है। वे संबंधित जिलों के डीएम व एडीएम की मदद से अवैध रूप से अयोग्य लोगों को हथियारों का लाइसेंस दिलाने में कामयाब रहे। यह भी पाया गया कि जिन लोगों को हथियार के लाइसेंस जारी किए गए हैं वे उस स्थान के निवासी नहीं है जहां से उन्हें लाइसेंस जारी किए गए हैं।