विधानसभा की कार्रवाई के दौरान मौजूद सीएम और डिप्टी सीएम
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बजट में बढ़ाए गए टैक्स पर विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के एक धड़े के भी तीखे विरोध के बाद सरकार ने रोल बैक किया है। रेडीमेड़ गारमेंट्स, होजरी तथा सेलफोन पर बढ़ाए टैक्स को वापस ले लिया है। एविएशन फ्यूल पर भी बढ़ाए टैक्स को भी हेलीकाप्टर सेवा से हटा लिया गया है। वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू ने सदन में यह घोषणा की।
विधानसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि रेडीमेड़ गारमेंट्स, होजरी तथा सेलफोन पर पहले की तरह पांच फीसदी टैक्स ही लगेगा। सरकार ने बजट में इसे शेड्यूल डी-1 में शामिल करते हुए टैक्स बढ़ाकर 14.5 फीसदी कर दिया था। वित्त मंत्री ने कहा कि चूंकि ये सारे आइटम एमआरपी पर बिकते हैं, इस वजह से इन पर टैक्स बढ़ाया जाना मुनासिब नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि एविएशन फ्यूल पर टैक्स बढ़ाने पर सदस्यों की आपत्ति है कि इससे पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ेगा। यात्रा महंगी होने की वजह से कम संख्या में पर्यटक आएंगे। कहा कि वे इस बात से सहमत नहीं हैं। दिल्ली तथा अन्य शहरों में भी एविएशन फ्यूल पर टैक्स अधिक है, लेकिन, इसका यात्रियों की संख्या पर असर नहीं पड़ा।
इस पर नेकां विधायक देवेंद्र सिंह राणा ने आपत्ति जताई कि पर्यटकों की संख्या पर भले ही असर न पड़े, लेकिन, माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं पर इसका असर पड़ेगा। पहले ही सरकार ने 12.5 फीसदी टैक्स लगा रखा है। सरकार में शामिल भाजपा ने भी इसे वापस कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन, ऐसा नहीं हो पाया।
अब एविएशन टैक्स बढ़ा दिया गया है। इस आपत्ति के बाद वित्त मंत्री ने हेलीकाप्टर सेवा के लिए एविएशन फ्यूल पर बढ़ाया टैक्स वापस लेने की घोषणा की। वित्त मंत्री ने सदस्यों की ढाबों पर टैक्स लगाए जाने संबंधी आपत्ति का जवाब देते हुए कहा कि कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है।