हालांकि, अल्ताफ बुखारी के साथ उस्मान मजीद, विजय बकाया, सुनील शर्मा और चौधरी जुल्फिकार अली के नाम सामने आए हैं। इसमें उस्मान को उत्तरी कश्मीर, विजय बकाया को कश्मीरी पंडित, सुनील शर्मा को चिनाब घाटी और जुल्फिकार को राजोरी-पुंछ की नुमाइंदगी के रूप में देखा जा रहा है।
लेकिन अभी मध्य व दक्षिणी कश्मीर, जम्मू, उधमपुर, कठुआ, रियासी, सांबा का कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिख रहा है। माना जा रहा है कि अंतिम सप्ताह में यह मूर्त रूप लेगी जिसमें सभी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए नाम तय किए जाएंगे।
अधिनियम के तहत हो सकता है गठन
सूत्रों का कहना है कि केंद्र शासित प्रदेश सरकार अधिनियम 1963 की धारा 45 के तहत राष्ट्रपति की ओर से मुख्यमंत्री को नियुक्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री की सलाह पर वे अन्य मंत्रियों की नियुक्ति कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार इसी अधिनियम के तहत सलाहकार परिषद का गठन किया जा सकता है।
नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला नौ महीने बाद सोमवार को एयर एशिया के विमान से दिल्ली गए थे। इसके बाद चर्चाओं ने जोर पकड़ा है कि केंद्र सरकार उनसे सलाहकार परिषद को लेकर बात कर सकती है।
पहले भी हो चुकी है कवायद
सलाहकार परिषद के गठन की कवायद पहले भी हो चुकी है। लॉकडाउन से पहले भी इस चर्चा ने जोर पकड़ा था। हालांकि, उस वक्त भाजपा की राज्य इकाई की ओर से परिषद के गठन पर असहमति जताई गई थी। इसके बाद सलाहकार परिषद के गठन की तैयारियों को विराम लग गया था।