दसवी और बाहरवी कक्षाओं की परीक्षाओं को शुरू होने में कुछ ही दिन शेष बचे हैं। परीक्षाओं के काउंट डाउन के साथ ही विद्यार्थियों और अभिभावकों के दिल की धड़कन भी बढ़ गई है। परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए विद्यार्थी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वहीं कम समय रहने के चलते विद्यार्थियों को टाइम मैनेजमेंट करने में और अपने पाठ्यक्रम को सही ढंग से याद करने में संशय की स्थिति बन रही है।
ऐसी परिस्थितियों के चलते अभिभावकों को अपने बच्चों को हमेशा सपोर्ट करते रहना चाहिए। वहीं विद्यार्थियों को अपने विषयों में आ रही अपनी कमजोरी और मजबूती को पहचानते हुए उस पर कार्य करना चाहिए। इस तरह से परीक्षा की तैयारी करने से विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान किसी भी समस्या का सामना न करना पड़ेगा। सरकारी स्कूल की शिक्षिका ललिता संबयाल का कहना है कि परीक्षाओं को शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं।
वहीं कम समय के चलते विद्यार्थियों को चाहिए कि वह रोजाना दो विषयों के पाठ्यक्रम का रिवीजन करें। परीक्षा की तैयारी करने के लिए टाइम मैनेजमेंट और प्लानिंग के साथ अपने विषयों को समझने की कोशिश करे। उन्होंने कहा कि परीक्षा में अच्छे अंक लाने के साथ ही अलग अलग विषयों और टापिक्स पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि दसवी कक्षा के विद्यार्थियों को अपने परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के साथ ही अपने मनपसंद विषयों में दाखिला लेने में आसानी होगी। इसके अलावा इंजीनियरिंग और मेडिकल के एंट्रेंस परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अपने कांसेप्ट को अच्छे से समझने में आसानी होगी और वह अपनी एंट्रेंस परीक्षा में भी बेहतर ढंग से प्रदर्शन कर पायेंगे।