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महबूबा बोलीं, ‘आग से खेल रहे हैं राज्यपाल’, मुस्लिम बहुमत ढांचे को तोड़ने की हो रही कोशिश

Wed, 13 Feb 2019 10:32 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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Mehbooba Mufti - फोटो : फाइल
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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल लोगों की भावनाओं के खिलाफ निर्णय लेकर आग से खेल रहे हैं। राज्य के लोगों में ऐसी धारणा है कि नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के मुसलमानों को बांटना चाहती है। यह आरोप पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने लगाया।
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उन्होंने राज्यपाल सत्यपाल मलिक के नेतृत्व में प्रशासन के चयनात्मक निर्णय लेने पर रोष जताया। श्रीनगर के गुपकार में हुई प्रेसवार्ता में उन्होंने कारगिल के लोगों की मांग को जायज ठहराया। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कारगिल और लेह को रोटेशनल हेडक्वार्टर दिया जाना चाहिए।

केंद्र सरकार रियासत में राज्यपाल के माध्यम से अपने एजेंडे को लागू कर रही है, जिसे जनता स्वीकार नहीं करेगी। इस मौके पर पीडीपी उपाध्यक्ष अब्दुल रेहमान वीरी, मोहम्मद अशरफ मीर, खुर्शीद आलम और रफी अहमद मीर आदि मौजूद रहे।
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फंसे लोगों के लिए लंगर लगाने की सराहना
हाईवे के बंद होने पर फंसे हजारों मुसाफिरों के लिए लंगर लगाने पर सिख समुदाय की सराहना की। वहीं, जम्मू में हुई हिंसा और देशविरोधी नारेबाजी के लिए शरारती तत्वों को जिम्मेदार ठहराया। 
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इन्हें भी मिले डिवीजन का दर्जा
पूर्व मुख्यमंत्री ने पीरपांचाल और चिनाब वैली के लोगों की मुश्किलों को देखते उन्हें भी अलग डिवीजन की सुविधा मिलनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू हो सकता है। गठबंधन सरकार के दौरान इस संबंध में उचित कदम नहीं उठाए गए। क्योंकि भाजपा ने हमेशा अड़चनें डालीं।
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