जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों को मार गिराया। मारे गए आतंकियों में एक आतंकी संगठन के लिए युवाओं की भर्ती में महत्वपूर्ण निभाता था। इनसे भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है। पुलिस दस्तावेज के मुताबिक दोनों आतंकवादी हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े हुए थे। दोनों कई आतंकवादी अपराधों में शामिल थे। इनमें सुरक्षा बलों के शिविरों पर हमले और नागरिकों का उत्पीड़न शामिल है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बडगाम जिले में चाडूरा के गोपालपोरा इलाके में सूचना के आधार पर मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात को सेना की 50 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर), सीआरपीएफ और एसओजी ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई। इसमें दो आतंकी मारे गए। जिले के एसएसपी आमोद नागपुरी ने बताया कि मारे गए आतंकियों की पहचान हिलाल अहमद वानी और शोएब मोहम्मद लोन उर्फ मुरसी के रूप में हुई है। मुठभेड़ स्थल से हथियार और गोला बारूद और संदेहास्पद सामग्री बरामद की गई है।
हिलाल का लंबा इतिहास रहा
पुलिस के अनुसार हिलाल का आतंकवादी कृत्यों का लंबा इतिहास रहा है और वह आतंकवाद के कई मामलों में संलिप्त था। वह 2015 से दक्षिणी तथा मध्य कश्मीर में सक्रिय रहा है। वह आतंकी संगठन में युवाओं की भर्ती करता था। शोएब भी घाटी में हुए कई हमलों में शमिल रहा है। पुलिस के अनुसार हिलाल पुराने आतंकियों में सबसे ज्यादा दिन तक जिंदा रहने वाले आतंकियों में था।