फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में हर पांचवां बच्चा प्राइमरी के बाद छोड़ रहा पढ़ाई, मुख्य सचिव ने व्यक्त की चिंता

Tue, 02 Nov 2021 12:32 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू

सार

बैठक के दौरान मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने प्राथमिक से उच्च प्राथमिक स्तर तक सकल नामांकन अनुपात और शुद्ध नामांकन अनुपात में गिरावट पर चिंता जताई।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने प्रदेश में बढ़ते ड्रॉपआउट रेट पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट के आंकड़ों को देखते हुए ऐसे लगता है कि प्राइमरी से अपर प्राइमरी स्कूल तक जाने के दौरान हर पांचवां बच्चा पढ़ाई छोड़ रहा है। उन्होंने यह बात सोमवार को समग्र शिक्षा के कामकाज की समीक्षा बैठक के दौरान कही और विभाग को इसे कम करने के लिए कार्य योजना तैयार करने को कहा।

विज्ञापन


बैठक में स्कूल शिक्षा विभगा के प्रमुख सचिव बीके सिंह ने कहा कि प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्तर पर सकल नामांकन अनुपात में बढ़ोतरी हुई है। 2019-20 में सकल नामांकन अनुपात क्रमश: 79.93 और 68.06 था, जो 2020-21 में बढ़कर क्रमश: 93.16 और 72.77 फीसदी हो गया है। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने स्कूल शिक्षा विभाग को वर्चुअल, ऑनलाइन लर्निंग के दायरे को बढ़ाने का निर्देश दिया। 
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: इस बार कुछ है खास है दिवाली, फूटेगा बूम-370 पटाखा और जलेगी 35-ए फुलझड़ी, देखिए तस्वीरें
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्य सचिव ने विभाग को प्राथमिक विद्यालयों की निगरानी में पीआईआर सदस्यों को शामिल करने को कहा। स्कूलों के प्रदर्शन पर मासिक रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए एक तंत्र स्थापित करने और ड्रॉपआउट रेट में वृद्धि पर स्कूल के शिक्षकों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें