जम्मू-कश्मीर अब पीपल के पेड़ों से हराभरा होगा। पर्यावरण प्रेमी प्रीतम सिंह निवासी तालाब तिल्लो अकेले ही ढाई साल में नौ हजार पौधे लगा चुके हैं, इनमें से ज्यादातर पेड़ बन चुके हैं। इस साल तीन हजार से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। इसकी शुुरुआत कश्मीर से की जाएगी। बरसात के मौसम में ही दो हजार पौधे लगाने का लक्ष्य है। इसके लिए उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से काम करना शुरू कर दिया है। प्रदेश में पौधरोपण के बाद वह पंजाब और हिमाचल का रुख करेंगे और वहां जाकर लोगों को पीपल के पेड़ की खासियत और फायदों के बारे में जागरूक करेंगे।
ठेकेदार प्रीतम सिंह ने अभी तक प्रदेश के सरकारी, निजी स्कूलों, कॉलेजों, यूनिवर्सिटी, अस्पतालों, सरकारी आवासों के अलावा धार्मिक स्थलों में पौधरोपण किया है। इसमें स्थानीय लोगों ने भी अपना योगदान दिया है। उन्होंने पौधरोपण का काम साल 2018 में शुरू किया था। पहले चरण में वह अकेले ही पीपल के पौधे लगाते थे। बाद में उनके साथ कुछ लोग और भी जुड़े।
प्रीतम सिंह का कहना है कि पीपल के पेड़ की खासियत यह है कि यह छायादार होता है, ज्यादा ऑक्सीजन छोड़ता है। गर्मी के मौसम में लोगों को ठंडी हवा देता है। वहीं, धार्मिक दृष्टि से भी पीपल के पेड़ की पूजा होती है।
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